msme-digital-lender-startup-neogrowth-raises-rs-81-cr-funding

Central Bank of India & MSME Loans: देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की भारी संख्या और अर्थव्यवस्था पर इनके व्यापक प्रभाव को देखते हुए, लगातार ही इन्हें बढ़ावा देने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी क्रम में अब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक बड़ा कदम उठाया है।

असल में भारत सरकार के मालिकाना हक वाली इस वित्तीय संस्था – सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने यह जानकारी दी है कि इसने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रतिस्पर्धी दरों पर ‘लोन’ या ‘ऋणों’ उपलब्ध करवाने के मकसद के तहत ‘ममता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Mamta Projects या MPPL) के साथ रणनीतिक सह-उधार (Co-lending) साझेदारी की है।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

जाहिर है कि साथ मिलकर MSMEs के लिए बेहतर दरों पर लोन की पेशकश करने से ‘सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया’ और Mamta Projects दोनों के पोर्टफोलियो का भी विस्तार होता नज़र आएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Mamta Projects एक ऋण (लोन) देने वाली संस्था है, जो आज के दौर को देखते हुए, तकनीक और जोखिम-विश्लेषण पर केंद्रित है।

central-bank-of-india-enters-into-co-lending-partnership-for-msme-loans

Mamta Projects भारत के बैंकों का बैंक कहें जाने वाले RBI द्वारा विनियमित एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है, और इसकी व्यावसायिक इकाईयों में MSME लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन और एंकर आधारित फाइनेंसिंग शामिल है।

Central Bank of India enters into co-lending partnership for MSME loans

अगर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ की गई इसकी इस नई साझेदारी की बात करें तो इस साझेदारी के साथ इस समझौते के तहत, Mamta Projects सहयोगी के रूप में विकसित क्रेडिट मापदंडों और पात्रता आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, अधिक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से संबंधित MSME लोन प्रस्तावों का निर्माण और उनको संभालेंने का काम करेगा।

वहीं साझेदारी के तहत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पारस्परिक रूप से सहमत होने पर, अधिक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 80 प्रतिशत MSME लोन बुक करता नजर आएगा। इसके बाद लोन की पूरी अवधि के लिए लोन अकाउंट को सेवाएँ Mamta Projects द्वारा प्रदान की जाएगीं।

यह इस नजरिए से भी अहम हो जाता है क्योंकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भारत सरकार की 93.08 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। ऐसे में इसकी विश्वसनीयता और साख बेशक बढ़ जाती है और इसके द्वारा उठाया गया यह कदम MSME क्षेत्र में कार्यरत अन्य वित्तीय संस्थानों को भी सेक्टर को आगे बढ़ाने में मदद के लिए प्रेरित करेगा।

बताते चलें  वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही की तुलना में 27.26% बढ़कर ₹318.17 करोड़ और कुल आय 8.24% की बढ़त के साथ ₹7,064.96 करोड़ रही।