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Digital India Innovation Fund for startups: साल 2022 स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिहाज से भारत के लिए काफी दिलचस्प रहा। स्टार्टअप बाजार में चल रहे “फंडिंग विंटर” (निवेश की कमी) के बीच भी कई भारतीय स्टार्टअप्स ने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया, तो कुछ ना अपना IPO पेश किया।

कुछ यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स विवादों में भी घिरते नजर आए, तो कुछ के IPO पहले दिन से ही बुरी तरह धराशाई हुए।लेकिन इन सब के बीच इतना जरूर रहा कि देश में केंद्र व तमाम राज्य सरकारें अपने-अपने तरीके से स्टार्टअप ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने का प्रयास करती रहीं।

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और ये कोशिशें आने वाले साल 2023 में भी जारी रहेंगी। इसी के संकेत देते हुए अब केंद्र सरकार ने देश के डीप-टेक स्टार्टअप्स पर भी विशेष ध्यान देने का मन बनाया है।

हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को दिए एक बयान में कहा कि सरकार डीप-टेक स्टार्टअप्स को मदद प्रदान करने के लिए ‘डिजिटल इंडिया इनोवेशन फंड’ (Digital India Innovation Fund) लॉन्च करेगी।

असल में राज्य मंत्री ने यह बयान कैथोलिक बिशप हाउस कैंपस, थमारास्सेरी (केरल) में हुए ‘न्यू इंडिया फॉर यंग इंडिया: टेकेड ऑफ ऑपर्च्युनिटीज प्रोग्राम’ (New India for Young India: Techade of Opportunities Program) के दौरान दिया, जहाँ वो 1,000 से अधिक कॉलेजों के छात्रों को संबोधित कर रहे थे।

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इस दौरान राजीव चंद्रशेखर ने कहा;

“सरकार देश में पूरी तरह प्रौद्योगिकी इनोवेशन पर आधारित स्टार्टअप्स यानी डीप-टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने के मकसद के साथ ‘डिजिटल इंडिया इनोवेशन फंड’ लॉन्च करेगी।”

क्या होते हैं डीप-टेक (Deep-Tech) स्टार्टअप्स? 

असल में डीप-टेक या डीप टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स उन्हें कहते हैं, जिनका बिजनेस मॉडल इंजीनियरिंग में उच्च तकनीकी नवाचार (इनोवेशन) या साइंटिफ़िक एडवांसमेंट पर आधारित होता है।

इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्य मंत्री ने नए भारत को लेकर पीएम के दृष्टिकोण का भी ज़िक्र किया, जिसमें प्रत्येक भारतीय को विकास प्रक्रिया में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मुहैया करवाना शामिल है, ताकि कड़ी मेहनत और कौशल ही सफलता के निर्धारक बन सकें।

ये इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि भारत में ‘स्टार्टअप इंडिया‘ और ‘मेक-इन-इंडिया’ जैसी पहलों के चलते ईकोसिस्टम को काफी बल मिला है और कहीं-न कहीं भारत में बढ़ते स्टार्टअप्स की संख्या में ऐसी सरकारी योजनाओं का रोल अहम रहा है। इसलिए अब इस फंड आदि से भी स्टार्टअप्स को काफी उम्मीदें मिलती दिखाई देती हैं।