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Google India appeals aganist CCI’s fine in NCLAT: दुनिया की सबसे बड़ी टेक दिग्गज कंपनियों में से एक, गूगल (Google) के लिए भारत में साल 2022 कई विवादों से घिरा रहा। खासकर कथित रूप से अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं को अपनाने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाया गया जुर्माना, इसका एक बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है।

लेकिन अब साल के ख़त्म होने के कुछ ही दिनों पहले गूगल (Google) ने एंड्रॉइड इकोसिस्टम में अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के इस्तेमाल को लेकर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के फैसले के ख़िलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में याचिका दायर की है।

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आपको याद दिला दें इसी साल सबसे पहले 21 अक्टूबर को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं को अपनाने का दोषी मानते हुए, गूगल इंडिया (Google India) पर लगभग ₹1,338 करोड़ का जुर्माना लगाया था।

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असल में CCI का कहना था कि कंपनी ने भारत के एंड्रॉइड मोबाइल बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग किया है। गौर करने वाली बात ये है कि इसके कुछ दिनों बाद CCI ने कंपनी पर प्ले स्टोर (Play Store) से जुड़े एक मामले में भी ₹936.44 करोड़ का दूसरा जुर्माना लगा दिया था।

Google appeals CCI verdict on Android in NCLAT

गूगल (Google) के प्रवक्ता ने इस कदम की जानकारी देते हुए अपने बयान में कहा;

“कंपनी ने एंड्रॉइड (Android) से संबंधित CCI के फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है क्योंकि हमारा मानना ​​है कि यह हमारे भारतीय उपयोगकर्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा झटका है, जो एंड्रॉइड की सुरक्षा फीचर्स पर भरोसा करते हैं।”

“एंड्रॉइड (Android) ने भारतीय उपयोगकर्ताओं, डेवलपर्स और ओईएम (OEMs) सभी को लाभान्वित किया है, और भारत के डिजिटल दौर में एक अहम भूमिका निभा रहा है।”

ये इसलिए भी और दिलचस्प इसलिए हो जाता है क्योंकि CCI के फैसले के खिलाफ ये अपील ऐसे में वक्त में की गई है जब कुछ ही दिन पहले Google के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) कंपनी के वार्षिक Google for India इवेंट में शामिल होने के लिए भारत आए थे।

अपनी इस भारत यात्रा के दौरान सुंदर पिचाई ने ‘रिस्पोंसिबल रेगुलेशन’ की जरूरत से संबंधित की और कहा था कि भारत इस क्षेत्र में नेतृत्व कर सकता नजर आ सकता है।

मामले के जानकारों के मुताबिक, कंपनी CCI के फैसले के ख़िलाफ NCLAT में दायर की गई अपनी अपील को लेकर काफी आशावादी है। कंपनी को उम्मीद है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों और भारत में मोबाइल ईको-सिस्टम के तेज विकास में एंड्रॉइड (Android) के योगदान को भी ध्यान में रखा जाएगा।

जाहिर है कि एक विशाल उपयोगकर्ता आधार के साथ Google के लिए भारत एक प्रमुख बाजार रहा है, ऐसे में कंपनी राजस्व के साथ ही साथ अपनी छवि को लेकर भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने देना चाहती।