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Startup Funding – ClassMonitor: भारतीय स्टार्टअप ईकोसिस्टम में एक सेगमेंट ऐसा है, जिसमें पिछले कुछ सालों में काफी तेज वृद्धि दर्ज की है, जो है ‘एडटेक’ सेगमेंट। दिलचस्प रूप से तमाम चुनौतियों के बीच, बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बाद भी इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स के लिए भी अपार संभावनाएँ आज भी बनी हुई हैं।

और अब 0-8 साल के आयु वर्ग के प्रारंभिक छात्रों के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ होम-लर्निंग प्रोग्राम के निर्माण के मकसद के साथ, एडटेक स्टार्टअप ClassMonitor ने अपने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में ₹10 करोड़ का निवेश हासिल किया है।

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कंपनी को यह निवेश Frontline Strategy Funds, Khimji Family (Muscat) समेत कुछ मौजूदा निवेशक जैसे, Sarvann & Calega Family Office से मिला है।

यह स्टार्टअप प्राप्त की गई इस धनराशि का इस्तेमाल छोटी उम्र के बच्चों को बेहतरीन लर्निंग अनुभव प्रदान करने के लिए आर्टिफ़िशल इंटेलिजेन्स (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी तकनीकों का लाभ उठाने में करेगा।

इसके जरिए कंपनी का इरादा अपनी अनूठी हाइब्रिड पेशकश के तहत उच्च-गुणवत्ता वाली लर्निंग किट को बच्चों के लिए अनुभव आधारित शिक्षा व विषय की बेहतर समझ के हिसाब से मेटावर्स (Metaverse) के साथ जोड़ने का है।

साथ ही कंपनी प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी को और मजबूत करने की भी योजना बना रही है, जिसके लिए ये फ्रेंचाइज आधारित ‘शिक्षण केंद्रों’ (स्कूल से परे) का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित करने का काम करेगी।

ClassMonitor की शुरुआत साल 2016 में विजीत पांडे (Vijeet Pandey) और विकास ऋषिश्वर (Vikas Rishishwar) ने मिलकर की थी।

ClassMonitor

यह स्टार्टअप माता-पिता और शिक्षकों के लिए एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के रूप में शुरु हुआ था, जिसने बाद में हाइब्रिड अर्ली लर्निंग टूल का रूप ले लिया, जो 0-8 साल के बच्चों के लिए ‘लर्निंग-किट’ प्रदान करता है। ये किट बेहद आकर्षक और अच्छी तरह से की गई रिसर्च द्वारा तैयार की गई हैं, जो अनुभवात्मक व खुद से सीखनें जैसी विधाओं पर केंद्रित हैं।

इन हर एक किट में 250+ एक्टिविटी शीट, वर्कशीट, फ्लैशकार्ड, एआर कार्ड, पोस्टर, स्टोरी कार्ड, गेम बोर्ड आदि चीजें शामिल होती हैं।

इस कंपनी का दावा है कि इसनें बीतें 6 महीनों में अपने उपयोगकर्ता आधार को दोगुना कर लिया है। साथ ही अब यह YouTube सहित अन्य तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ-साथ अपनी भौतिक उपस्थिति को भी मजबूत करने का काम करेगी।

इस बीच निवेश को लेकर कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ, विजीत पांडे ने कहा;

“प्रारंभिक शिक्षा में मार्केट लीडर बनने की हमारी यात्रा में यह एक अहम निवेश हासिल होगा। मैं अपने मौजूदा और नए निवेशकों को उनके  लगातार सपोर्ट के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।”