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Startup Funding – Motovolt Mobility: आने वाला दौर इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है, और इसलिए अब दोपहिया वाहन से लेकर कार और ट्रक आदि क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। इनमें से किफायती और बेहद उपयोगी होने के चलते, दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के तेज प्रसार की संभावना बहुत अधिक है।

ऐसे में कोलकाता आधारित इलेक्ट्रिक साइकिल निर्माता Motovolt Mobility ने अपने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में ₹16 करोड़ का निवेश हासिल किया है।

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इस निवेश दौर में दुबई आधारित फैमिली ऑफिस – Wami Capital, विक्रमपति सिंघानिया (JK Family), अंकुर अग्रवाल (Crystal Crop) के साथ ही विकास बागड़िया (संस्थापक, Pee Safe) ने भी भागीदारी दर्ज करवाई।

हासिल की गई इस धनराशि का इस्तेमाल कंपनी मुख्य रूप से नए उत्पादों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने, देश भर में अधिक से अधिक रिटेल पॉइंट्स पर ब्रांड की उपस्थिति बढ़ाने और मार्केटिंग आदि जैसी चीजों को लेकर करने की योजना बना रही है।

Motovolt Mobility की शुरुआत साल 2020 में तुषार चौधरी (Tushar Choudhary) द्वारा की गई थी। कंपनी इलेक्ट्रिक साइकिलों (ई-साइकिल) का निर्माण और बिक्री की सुविधा प्रदान करती है। फिलहाल यह बिक्री के लिहाज 100 से अधिक केंद्रो पर उपलब्ध है।

हाल में ही कंपनी ने URBN नामक ब्रांड के तहत ई-बाइकों की नई श्रेणी लॉन्च की है। लेकिन ई-साइकिल कैटेगॉरी में पकड़ रखने वाली Motovolt का इरादा आने वाले समय में ई-स्कूटरों के निर्माण की शुरुआत करने का भी है।

Motovolt Mobility

यह इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता कंपनी, नए उत्पादों के निर्माण के लिए घरेलू और विदेशी निजी इक्विटी निवेशकों से ₹100 करोड़ तक हासिल करने की भी योजना बना रही है।

इस बीच निवेश को लेकर Motovolt के संस्थापक और सीईओ, तुषार ने कहा;

“यह निवेश कंपनी को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार और देश भर में अपनी उपस्थिति का विस्तार करते हुए, विकास के अगले चरण में कदम रखने की दिशा में मददगार साबित होगा।”

वहीं विक्रमपति सिंघानिया की ओर से कहा गया;

“मास-मोबिलिटी विकल्प हमेशा से पिरामिड के निचले भाग को प्रभावित करने और समाज के एक व्यापक वर्ग तक पहुँचनें की क्षमता रखते हैं। यह बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है और हमें विश्वास है कि Motovolt अपने लक्ष्य के साथ इस बाजार का नेतृत्व करता नजर आएगा।”

जाहिर है भारतीय बाजार के परिपेक्ष में लास्ट-मील मोबिलिटी सेगमेंट काफी विशाल आकार का है। इसमें कई कंपनियों के एक साथ उभरने की अपार संभावना मौजूद है, और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र भारत में अभी भी शुरुआती चरण में कहा जा सकता है। ऐसे में इस यह वक्त Motovolt जैसे स्टार्टअप्स के लिए बेहद अहम हो जाता है।