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Amazon Layoffs: दुनिया भर में दिग्गज टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला थमनें का नाम नहीं ले रहा है। अब तक इस लिस्ट में ट्विटर (Twitter), मेटा (Meta), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी कंपनियों का नाम शुमार था। लेकिन अब जल्द ही ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) का नाम भी इसमें शामिल हो सकता है।

असल में दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में से एक Amazon लगभग 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। और इसकी शुरुआत इसी हफ्ते से की जा सकती है। जाहिर है यह Amazon के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी (Layoff) साबित होगी।

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इस बात की जानकारी द न्यूयॉर्क टाइम्स (The New York Times) की एक हालिया रिपोर्ट के जरिए सामने आई है, जिसके अनुसार कंपनी इसी हफ्ते से शुरुआत करते हुए लगभग 10,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

इससे पहले साल 2001 में ‘डॉट-कॉम क्रैश’ संबंधित घटना के समय Amazon ने करीब 1,500 कर्मचारियों को निकाल दिया था। लेकिन इसके बाद पिछले 21 सालों में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या और इसकी वैल्यूएशन दोनों में ही काफी वृद्धि हुई है।

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Credits: Wikimedia Commons

मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर Amazon के कुल कर्मचारियों की संख्या 1.5 मिलियन (15 लाख) से अधिक है। ऐसे में अगर 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाती है, तो इसका साफ-सा मतलब होगा कि कंपनी के 1% कर्मचारी इससे प्रभावित होंगें।

Amazon Layoffs: इन विभागों के प्रभावित होने की संभावनाएँ 

रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon की इस संभावित छंटनी से ‘रिटेल डिवीजन’ और ‘मानव संसाधन’ (HR) विभाग से जुड़े कर्मचारी प्रभावित होंगें। इतना ही नहीं बल्कि बड़े पैमानें पर Amazon वॉयस-असिस्टेंट, Alexa प्रोजेक्ट से संबंधित कर्मचारी भी अपनी नौकरियाँ खो सकते हैं। वैसे यह साफ नहीं है कि किस-किस देश के कार्यरात कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे।

सूत्रों के अनुसार, यह भी सामने आया है कि सभी कर्मचारियों की छंटनी एक साथ ना करके, बल्कि कथित तौर पर प्रभावित विभागों में टीम-दर-टीम के हिसाब से छंटनी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

Amazon Layoffs: पहले ही दिए संकेत! 

वैसे छंटनी संबंधित ये खबर इसलिए भी इतना हैरान नहीं करती है क्योंकि कंपनी ने कुछ समय पहले ही ऐसे संकेत दे दिए थे कि यह लागत में कटौती के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती है।

कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए यह कहा था कि मौजूदा अर्थव्यवस्था के बारे में विचार करने के साथ ही निवेश को संतुलित करने” के लिए कॉर्पोरेट हायरिंग को रोका जाएगा। कंपनी की ओर से यह भी संकेत दिए गए थे कि यह स्थिति आगामी कुछ महीनों तक बनी रह सकती है।

पिछले हफ्ते सामने आई द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, Amazon के वर्तमान सीईओ, एंडी जेसी (Andy Jassy) असल में Alexa विभाग की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जिसमें फिलहाल 10,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह विभाग सालाना $5 बिलियन के घाटे में चल रहा है। शायद यही वजह है कि कथित रूप से कंपनी अब Alexa वॉयस असिस्टेंट में नई क्षमताओं को जोड़ने को लेकर इतनी उत्साहित नहीं है।

बीतें कुछ समय में हमनें देखा है कि कई अमेरिकी दिग्गज कंपनियों ने वैश्विक आर्थिक स्थितियों का हवाला देते हुए कंपनी में व्यापक छंटनी संबंधी कदम उठाए हैं। कुछ ही हफ्ते पहले ट्विटर (Twitter) के नए मालिक बने ईलॉन मस्क (Elon Musk) ने लगभग 3,500 से अधिक कर्मचारियों को निकालने का फरमान जारी कर दिया। वहीं सोशल मीडिया दिग्गज, मेटा (Meta) ने भी हाल ही में 11,000 कर्मचारियों की छंटनी की बात कही थी।