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Credit: Wikimedia Commons

Meta Layoffs: इस बात का अंदेशा जताया जा रहा था, आखिरकार वह सच साबित हुई। ट्विटर (Twitter) के बाद अब एक और सोशल मीडिया दिग्गज, मेटा (Meta) ने भी भारी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि कर दी है।

जी हाँ! यह दुनिया भर में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी में से एक साबित होगी। इस बात की पुष्टि खुद Meta के सीईओ, मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने की और बताया कि कंपनी में छंटनी की प्रक्रिया 9 नवंबर से शुरू हो जाएगी।

मार्क जुकरबर्ग के अनुसार, Meta अपने कुल कर्मचारियों की संख्या के लगभग 13% यानि 11,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। सितंबर 2022 में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, Meta में कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग 87 हजार है। 

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फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और व्हाट्सऐप (WhatsApp) जैसे दिग्गज़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मालिकाना हक रखने वाली Meta ने इस बड़े पैमाने पर की जा रही छंटनी के पीछे राजस्व में निराशाजनक लाभप्रदता के आँकड़े और बिक्री में गिरावट आदि का हवाला दिया है।

facebook meta layoff

कंपनी अब लागत में कटौती की अपनी योजना के हिस्से के रूप में ही इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि ऐसा 2004 में शुरू हुई Meta (तब Facebook) में शायद पहली बार होगा जब इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

Meta Layoffs: Facebook Parent Fires More Than 11,000 Employees

इस बात की जानकारी देते हुए, मार्क जुकरबर्ग ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा;

“आज मैं Meta के इतिहास में किए गए कुछ सबसे कठिन बदलावों को साझा कर रहा हूं। हमनें अपनी टीम के आकार को लगभग 13% तक (11,000 से अधिक कर्मचारी) कम करने का फैसला किया है।”

“इसके साथ ही हमनें खर्चों में कटौती करनें और नई भर्तियों को रोकने की समय सीमा को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।”

इस छंटनी के तहत प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी में उनके हर एक सेवा वर्ष के लिए दो अतिरिक्त सप्ताह के साथ 16 सप्ताह का मूल वेतन दिया जाएगा। साथ ही कंपनी सभी प्रभावित कर्मचारियों को छह महीने के लिए स्वास्थ्य सेवा खर्च भी प्रदान करेगी।

असल में बीतें सालों से Meta वर्चुअल-रियलिटी तकनीक जैसे मेटावर्स (Metaverse), आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स (AI) आदि में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते कंपनी के ख़र्चों में अचानक वृद्धि भी हुई है। इसके साथ ही कंपनी इस कदम के लिए विज्ञापन राजस्व में मंदी और वैश्विक मंदी के कगार पर खड़ी दुनिया भर के देशों की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को भी इसका ज़िम्मेदार मान रही है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को दिए एक संदेश में बिजनेस में उठाए गए ‘गलत कदमों’ की बात को स्वीकार करते हुए, उसकी पूरी ज़िम्मेदारी ली।

इस बीच जुकरबर्ग ने कंपनी के बुनियादी ढांचे संबंधित ख़र्चों को लेकर भी बताया कि इस दिशा में भी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा;

“यह कंपनी के लिए काफी अहम है। लेकिन मुझे विश्वास है कि हम इस खर्च को कम करते हुए भी मौजूदा कुशलता हासिल कर सकते हैं।”

आपको याद दिला दें हाल में ही Twitter के नए मालिक बने ईलॉन मस्क (Elon Musk) ने भी हज़ारों की संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से निकालते हुए, लगभग कंपनी के 50% कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी। ख़बरों के मुताबिक, इसमें Twitter India के लगभग 90% कर्मचारी प्रभावित हुए।