sunstone-eduversity-raises-rs-280-funding

Startup Funding – Sunstone Eduversity: बीते कुछ सालों से भारत में एडटेक स्टार्टअप्स तेज वृद्धि के गवाह बने हैं। अब इसी क्रम में हायर एजुकेशन स्टार्टअप Sunstone Eduversity ने सीरीज-सी फंडिंग राउंड में $35 मिलियन (लगभग ₹280 करोड़) का निवेश हासिल किया है।

कंपनी के लिए इस निवेश दौर का नेतृत्व WestBridge Capital ने किया, जिसमें Alteria Capital ने भी भागीदारी दर्ज करवाई है।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

कंपनी के अनुसार, प्राप्त की गई इस पूँजी का इस्तेमाल नए प्रोग्रामों के विस्तार को लेकर किया जाएगा, जिसमें अंडर-ग्रैजूएट टेक प्रोग्राम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आपको बता दें इस नए निवेश के साथ ही अब तक Sunstone द्वारा हासिल की गई कुल निवेश राशि लगभग $69 मिलियन हो गई है।

असल में इसके पहले अक्टूबर 2021 में Sunstone ने सीरीज-बी फंडिंग राउंड में $28 मिलियन का निवेश हासिल किया था, और तब भी उस निवेश दौर के नेतृत्व WestBridge Capital ने ही किया था।

Sunstone Eduversity की शुरुआत साल 2019 में आशीष मुंजल (Ashish Munjal) और पीयूष नांगरू (Piyush Nangru) ने मिलकर की थी।

यह स्टार्टअप उच्च शिक्षा प्रोग्राम्स के जरिए कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी करता है। साथ ही कंपनी पोस्ट-ग्रैजूएट और अंडर-ग्रैजूएट दोनों तरह के छात्रों को इंडस्ट्री के लिहाज से तैयार करने हेतु कुछ कॉर्पोरेट्स के साथ भी काम करती है।

sunstone

इस स्टार्टअप का दावा है कि वर्तमान समय में इसने 35 से अधिक शहरों में 40 से अधिक संस्थानों के साथ साझेदारी कर रखी है। दिलचस्प रूप से आने वाले 2 सालों में कंपनी देश के 100 से अधिक शहरों में मौजूदगी दर्ज करवाने की दिशा में काम करती नजर आएगी।

इस निवेश को लेकर सह-संस्थापक और सीईओ, आशीष ने कहा;

“भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली लंबे समय से अपेक्षित परिवर्तन की ओर अग्रसर थी। Sunstone इस परिवर्तन को वास्तविक रूप देने और लाखों छात्रों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।”

“बीतें सालों में हमनें इस दिशा में अहम विकास किया है, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है क्योंकि बाजार में जिस समस्या को हम हल करने का हम प्रयास कर रहे हैं, वह बहुत बड़ी है।”

बता दें इस स्टार्टअप ने 2022 में ही अंडर-ग्रैजूएट प्रोग्राम की पेशकश शूरू की है। इसके पहले भी बीते 2 वर्षों में कंपनी ने 10 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज करने में कामयाब रही है।