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Credits: Zomato Blog

Zomato’s new parent firm ‘Eternal’: फूडटेक स्टार्टअप Zomato के लिए मौजूदा समय बहुत अच्छा तो नहीं कहा जा सकता है, खासकर शानदार IPO दायर करने के बाद से ही कंपनी शेयर मार्केट में भी लगातार निराशा झेल रही है।

लेकिन ऐसा लगता है कि Zomato ने कंपनी के भीतर से व्यापक बदलावों की पहल करने का मन बना लिया है। इसी क्रम में कंपनी अब एक नई पैरेंट कंपनी बनाते हुए, नेतृत्व की जिम्मेदारी को भी बाँटनें पर विचार कर रही है।

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असल में MoneyControl की एक रिपोर्ट के हवाले से ये सामने आया है कि Zomato के संस्थापक और सीईओ, दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) ने अब कथित रूप से पैरेंट कंपनी को री-ब्रांड करते हुए, Eternal नामक पहचान देने का मन बनाया है।

लेकिन सिर्फ पैरेंट कंपनी का नाम ही नहीं, बल्कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके काम करने का अंदाज भी बदलने जा रहा है।

सभी बिजनेस वर्टिकल के लिए होंगें अलग-अलग CEOs 

असल में कंपनी Eternal नामक इस पैरेंट फर्म के तहत ही अपने अलग-अलग वर्टिकल – Zomato, BlinkIt और Hyperpure आदि को संचालित करते नजर आएगी। दिलचस्प ये है कि इन सभी बिजनेस वर्टिकल के लिए आल अलग सीईओ (CEOs) और शीर्ष आधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा।

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रिपोर्ट के अनुसार, अपने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक संदेश में Zomato सीईओ, दीपिंदर गोयल ने कहा;

“हम जीवन के एक ऐसे चरण में हैं जहां हम परिपक्व हो रहें हैं और सिर्फ एक ही बिजनेस का संचालन करने के बजाए, अब कई बड़ी कंपनियों को चला रहें हैं।”

“अब हम एक ऐसी कंपनी, जिसमें सिर्फ मैं सीईओ था, से परिवर्तित होकर ऐसे स्वरूप को अपनाने जा रहें हैं, जिसमें हमारे हर एक बिजनेस (जैसे Zomato, Blinkit, Hyperpure, Feeding India) के लिए अलग-अलग सीईओ होंगे। लेकिन ये सभी एक-दूसरे के साथियों के रूप में काम कर रहे हैं, और साथ मिलकर एक सुपर-टीम बनाएँगे।”

“ये शब्द Eternal खुद में ही एक मिशन को दर्शाता है। Eternal का मतलब है ‘शाश्वत’, जो महज कुछ जन्मों तक सीमित न रहते हुए, हमेशा चले। असीम, अमर, अंतहीन, स्थायी आदि कुछ अन्य शब्द हैं, जो Eternal के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।”

क्यों अहम है Zomato का ये कदम? 

वैसे ये भी कहा जा रहा है कि फिलहाल ये नया और नई ब्रांडिंग, महज आंतरिक स्वरूप तक ही सीमित रहेगी, और जल्द ही पैरेंट कंपनी के लिए नया Logo पेश किया जा सकता है।

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि इस कदम के बाद, कंपनी के राजस्व से लेकर शेयर बाजार में इसके शेयर की कीमतों तक में क्या इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा? ये सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि कुछ ही दिन पहले Zomato के शेयर की क़ीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर को छू चुकीं हैं।