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Zomato Share Price dropped to Rs 46: शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के बाद भी फूडटेक स्टार्टअप Zomato के लिए ये सफर कुछ खास अच्छा साबित नहीं हो रहा है। खासकर बीतें कुछ महीनें से कंपनी के शेयर की कीमत समय के साथ लगातार नीचे ही जा रही हैं।

इसी सिलसिले को बनाए रखते हुए सोमवार को Zomato के शेयर के दाम अब तक के अपने सबसे निचले स्तर को छूते हुए ₹50 से भी कम हो गए।

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असल में 25 जुलाई को शेयर बाजार खुलनें पर कंपनी के शेयर की कीमत ₹51 के लगभग थी, लेकिन अचानक से देखते ही देखते कुछ ही समय में Zomato के प्रति शेयर का दाम ₹50 से भी नीचे जाते हुए ₹46 तक पहुँच गया।

गौर करने वाली बात ये है कि Zomato के शेयर की कीमत में पिछले एक महीने में ही लगभग 28% तक गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट-कैप की बात की जाए तो यह ₹36,195 करोड़ (~ $4.54 बिलियन) तक आ गयी है।

ये इसलिए दिलचस्प हो जाता है क्योंकि Zomato के पिछले प्राइवेट वैल्यूएशन दौर में इसकी वैल्यूएशन $5.4 बिलियन तक आँकी गई थी।

Zomato Share Price Fallen: क्या है कीमतों के गिरने की वजह? 

आप शायद सोच रहें हो कि आखिर क्यों Zomato की शेयर की कीमत इतनी तेजी से नीचे आ रही है? असल में इसके पीछे कई कारण गिनाए जा सकतें हैं।

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लेकिन सबसे हालिया बड़े कारण की बात की जाए तो हाल वह था लगभग $570 मिलियन में किया गया Blinkit (पूर्व में Grofers) का अधिग्रहण, जिसके बाद से Zomato के शेयरों की कीमत बिना रुके लगातार गिरती ही जा रही है।

असल में Zomato और Blinkit सौदे के बाद से ही तमाम विश्लेषकों ने यह आँकलन लगाना शुरू कर दिया कि  Zomato ने अपने पोर्टफोलियो में घाटे में चल रही एक और कंपनी को जोड़ने के चलते कई निवेशकों का विश्वास खोया है।

साथ ही जाहिर तौर पर Zomato को अब इस सौदे के चलते Blinkit के संचालन हेतु काफी नकद भी खर्च करने की जरूरत होगी, और यह भी एक वजह बन सकती है।

लेकिन आज यानि 25 जुलाई की बात करें तो Zomato के शेयर की कीमत के गिरने का कारण ‘भारी बिकवाली’ रहा।

असल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी स्टार्टअप Zomato के प्री-आईपीओ शेयरहोल्डर्स के लिए ‘लॉक-इन-पीरियड’ खत्म हो गया है, और इसी वजह से कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।

आपको शायद याद होगा कि Zomato का पब्लिक इश्यू BSE और NSE पर 23 जुलाई, 2021 के दिन ही लिस्ट हुआ था। इसलिए जानकारों की मानें तो इस कंपनी के करीब ₹613 करोड़ या कहें तो 78% शेयरों का ‘लॉक-इन पीरियड’ 23 जुलाई, 2022 को खत्म हो गया है।

कम नहीं हैं Zomato की मुश्किलें! 

एक तरफ अपने शेयर की कीमतों के घटने से परेशान Zomato को पहले से ही भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा कथित अनुचित मूल्य निर्धारण प्रथाओं और प्रतिस्पर्धा-रोधी प्रथाओं को अपनाने के आरोपों के चलते जाँच का सामना करना पड़ रहा है।

और शायद कंपनी की मुसीबतें बढ़ाने के लिए इतना काफी नहीं था कि एक ही दिन पहले यह Reuters की एक नई रिपोर्ट में एक पत्र के हवाले से ये सामने आया है कि Domino’s Pizza India फ्रैंचाइज़ी अपने कुछ व्यवसाय को Zomato और Swiggy आदि से हटाने का मन बना रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ऐसा तब कर सकती है, अगर Zomato और Swiggy अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कमीशन की दरों में इजाफा करते हैं।