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Credits: Wikimedia Commons

RBI wants Crypto ban?: भारत जैसे देश में भले एक ओर क्रिप्टोकरेंसी की संभावनाओं को लेकर लगातार चर्चा हो रही हो, लेकिन शुरू से ही सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक, देश में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को लेकर उतने उत्साहित नजर नहीं आते हैं।

वैसे भारत सरकार ने इस साल की शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगाकर, इस क्षेत्र को पहले ही एक बड़ा झटका दे दिया था। और आज देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने एक बयान के जरिए देश में क्रिप्टो के भविष्य की धुँधली होती तस्वीर पेश की है।

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असल में सोमवार को संसद में अपने भाषण के दौरान, वित्त मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि

“भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) चाहता है कि क्रिप्टोकरेंसी को बैन/प्रतिबंधित किया जाए।”

“लेकिन क्रिप्टोकरेंसी अपनी परिभाषा के अनुसार सीमाहीन हैं और इसलिए इन पर किसी भी प्रकार के रेगुलेशन या प्रतिबंध जैसी चीजों को प्रभावी बनाने के लिए हमें दूसरे देशों के सहयोग की भी जरूरत पड़ेगी।”

आपको बता दें यह बात असल में वित्त मंत्री ने एक सांसद द्वारा किए गए क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित सवाल का जवाब देने के दौरान कही।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी साफ किया कि RBI पहले से ही देश की मौद्रिक व आर्थिक स्थिरता के लिए क्रिप्टोकरेंसी को खतरा बताता रहा है। केंद्रीय बैंक ने कई बार सरकार से इस क्षेत्र के लिए ठोस कानून बनाने की सिफारिश भी की है। देश के केंद्रीय बैंक की मानें तो क्रिप्टोकरेंसी पर तत्काल रोक लगाए जाने की जरूरत है।

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लेकिन दिलचस्प रूप से सरकार के अनुसार, इन डिजिटल करेंसियों के स्वरूप को देखते हुए, अगर इनके परिचालन संबंधित किसी भी प्रकार के नियमों को प्रभावी रूप से लागू करना है, तो पहले तमाम देशों को आपसी सहयोग के लिए आगे आना होगा।

इस बीच अटकलें यह भी लगाई जाती रही हैं कि भारत सरकार तेजी से व्यापाक रूप लेते NFTs, डिजिटल करेंसी या क्रिप्टोकरेंसीज आदि के लिए ठोस नियम और कानून बनाना चाहती है, लेकिन इसको लेकर कोई पुख्ता कदम फिलहाल दिखाई नहीं देता है।

कुछ ही समय पहले हमनें आपको यह बताया था कि भारत सरकार के आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ के मुताबिक, सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लकर ‘कन्सल्टेशन पेपर’ (परामर्श पत्र) लगभग तैयार कर लिया है, और जल्द इसको पेश किया जा सकता है।

यह सामने आया था कि इस ‘कन्सल्टेशन पेपर’ को तैयार करने के लिए घरेलू हितधारकों के साथ ही साथ आईएमएफ (IMF), विश्व बैंक जैसे संगठनों से भी परामर्श किया गया है।

लेकिन ये तमाम चीजें और भी दिलचस्प इसलिए हो जाती हैं क्योंकि एक ओर जहाँ वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में भारत सरकार ने भारत में किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफ़र (लेनदेन) आदि से होने वाली आय पर 30% टैक्स लगाने का ऐलान किया था, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा गया था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) साल 2023 की शुरुआत तक देश की आधिकारिक डिजिटल करेंसी लॉन्च करता नजर आएगा।

ऐसे में ये देखना रोचक होगा कि सरकार आखिर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अंतिम रूप से क्या क़ानूनी कदम उठाती है और कब?