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Twitter India gets ‘last chance’ to comply with new IT rules: अगर आपको लग रहा है कि कुछ समय पहले भारत सरकार और माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट, ट्विटर (Twitter) के बीच शुरू ही खींचतान अब खत्म हो गई है, तो शायद आप जल्दबाजी कर रहे हैं।

जी हाँ! केंद्र सरकार और Twitter के बीच अभी भी नए आईटी नियमों (New IT Rules 2021) को लेकर तलवार खींची हुई है। और अब तो सरकार ने Twitter के नाम एक ‘अल्टीमेटम’ जारी करते हुए, कंपनी को नए आईटी नियमों का पालन शुरू करने का ‘आखिरी मौका’ दे दिया है।

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भारत की केन्द्र सरकार ने Twitter India से कहा है कि कंपनी 4 जुलाई तक नए आईटी नियमों का पालन करना शुरू कर दें। इसके बाद कंपनी को कोई दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा।

असल में Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, Twitter को केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट रूप से ये कह दिया गया है कि कंपनी के पास नए आईटी नियमों का पालन करने का ये आखिरी मौका है।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा Twitter India को यह नोटिस इसलिए जारी किया गया है क्योंकि कंपनी आईटी अधिनियम की धारा 69A के तहत भेजे गए कंटेंट टेक-डाउन नोटिस पर कार्रवाई करने में बार-बार विफल साबित हुई है।

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सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इस संबंध में Twitter India के मुख्य अनुपालन अधिकारी को भेजे गए इस नए नोटिस में कहा गया है कि कंपनी 6 और 9 जून को भेजे गए केंद्र सरकार के नोटिस का पालन करने में विफल रही है।

क्या होगा अगर Twitter India नहीं करता है IT Rules 2021 का पालन?

लेकिन आप शायद सोच रहें हों कि अगर कंपनी सरकार की इस कथित समय सीमा के भीतर नियमों का अनुपालन शुरू नहीं करती तो भला उस पर क्या कार्यवाई होगी? तो इस सवाल का जवाब हमें कहीं न कहीं नए आईटी नियमों में ही मिल जाता है।

नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई भी सोशल मीडिया व संबंधित प्लेटफ़ॉर्म नए नियमों का पालन नहीं करता है तो कंपनी के ख़िलाफ दंडात्मक कार्यवाई के तौर पर उसका ‘बिचौलिये’ या ‘इंटरमीडियरी’ स्टेटस (Intermediary Platform Status) छिन लिया जाएगा।

‘इंटरमीडियरी स्टेटस’ छिननें पर क्या होगा असर?

सबसे पहले आपको समझना होगा कि भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत ‘बिचौलियों’ (Intermediary Platform) के रूप में परिभाषित किए गए हैं।

साल 2021 में आए नए आईटी नियम के तहत देश में 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता आधार वाली सोशल मीडिया कंपनियों को खासतौर पर इन नए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मान लीजिए कोई प्लेटफ़ॉर्म इन नए नियमों का पालन नहीं करता है, तो उससे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत Intermediaries Status छिन लिया जाएगा।

होता ये है कि धारा-79 के तहत सोशल मीडिया कंपनी ‘बिचौलिये’ के रूप में प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कानूनी रूप से उत्तरदाई होने से बच जाती हैं। लेकिन एक बार जब ये स्टेटस छिन जाएगा तो कंपनी के प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किए गए किसी भी प्रकार के अवैध कंटेंट के लिए कंपनी भी जवाबदेह होंगी और उन पर भी क़ानूनी कार्यवाई हो सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, Twitter India की ओर से अब तक सरकार की इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है। अब देखना ये होगा कि क्या पहले ही Elon Musk द्वारा अधिग्रहण सौदे को लेकर उलझा हुआ Twitter, भारत में अपनी स्थिति को कैसे स्थिर बना पाता है?