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Tata Motors EV fire incident: दुनिया के अन्य देशों की तरह जहाँ एक ओर भारत तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के प्रयास कर रहा है, वहीं इस दिशा में कई नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। इनमें से एक है इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की तमाम घटनाएँ!

और अब इसी कड़ी में भारत सरकार ने टाटा मोटर्स (Tata Motors) के इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने की घटना को लेकर अब जाँच के आदेश भी दे दिए हैं।

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Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी खुद एक सरकारी अधिकारी के हवाले से सामने आई है। आपको बता दें यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब Tata Motors की ओर से इस घटना को एक “पृथक थर्मल घटना” कहा गया है।

क्या है पूरा मामला?

असल में हुआ ये कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें Tata Motors की एक इलेक्ट्रिक कार से आग की लपटें उठती नजर आ रही हैं।

इस वायरल वीडियो में अग्निशामकों द्वारा मुंबई में एक नेक्सॉन (Nexon) इलेक्ट्रिक कार में आग बुझाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद इसको लेकर टाटा मोटर्स (Tata Motors) की ओर से एक बयान जारी करते हुए कहा गया;

“हाल ही में सोशल मीडिया के ज़रिए सामने आई एक ‘पृथक थर्मल घटना’ से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच की जा रही है।”

टाटा मोटर्स को इसको लेकर एक और भी तर्क है। कंपनी के अनुसार इसने अब तक 30,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं, जिनमें से अधिकतर नेक्सॉन ईवी मॉडल ही हैं। और यह अपने तरीके की पहली ऐसी घटना सामने आई है।

वैसे भले ही कंपनी ने अपने स्तर पर जाँच की बात कही हो, लेकिन अब सामने आया है कि सरकार की ओर से दिए गए आदेश के अनुसार, सरकारी जाँच का नेतृत्व ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’ द्वारा किया जाएगा।

दो-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों से शुरू हुआ था आग की घटना का सिलसिला

ये मामला सरकार इसलिए भी और गंभीरता से ले रही है क्योंकि बीते दिनों इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं में कई लोग गंभीर रूप घायल हुए थे और कुछ को तो अपनी जान तक गँवानी पड़ी थी।

इसके बाद इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य पर सवाल उठता देख भारत सरकार के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ई-स्कूटर बनाने वाली कंपनियों को खराब स्कूटर के बैचों को वापस बुलाने तक की सलाह दे दी थी।

इसके साथ ही सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से जाँच भी शुरू करवाई गई थी, जिसमें Ola Electric समेत 3 ई-स्कूटर निर्माताओं की जांच के शुरुआती निष्कर्षों में आग की वजह “बैटरी सेल और मॉड्यूल” को बताया गया था।

तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इन इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों में आग लगने के मामलों से जुड़ी जांच के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति इस महीने तक अपनी अंतिम रिपोर्ट दे सकती है।

लेकिन अब दो-पहिया के बाद इलेक्ट्रिक कार में भी आग की इस घटना को सरकार हल्के में नहीं लेना चाहती, वह भी तब जब भारत का लक्ष्य 2030 तक देश में कुल यात्री कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को 30% तक ले जाने का है, जो मौजूदा समय में लगभग 1% के आसपास बताई जाती है।