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Dilli Bazaar E-Portal: तेजी से बढ़ते इस ऑनलाइन कॉमर्स के दौर में स्थानीय बाजारों की रौनक कहीं न कहीं फीकी पड़ती जा रही है। और इसी बात को समझते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी के स्थानीय बाजारों को भी ऑनलाइन जगत से जोड़ने का मन बना लिया है।

जी हाँ! इसी कड़ी में अब दिल्ली सरकार ने “दिल्ली बाजार ई-पोर्टल” (Dilli Bazaar E-Portal) को लॉन्च करते हुए इसके दिसंबर में लाइव हो जाने का ऐलान कर दिया है।

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आपके मन में शायद ये सवाल आ रहा होगा कि भला ये ‘Dilli Bazaar’ ई-पोर्टल क्या है और ये काम कैसे करेगा? तो आइए जानते हैं इन्हीं तमाम सवालों ने जवाब!

क्या है Dilli Bazaar E-Portal?

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के अनुसार, Dilli Bazaar ई-पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए प्रदेश का हर व्यापारी और दुकानदार अपने सामना को पूरी दुनिया में बेच सकेगा।

ज़ाहिर है, दिल्ली सरकार इस “Dilli Bazaar” प्लेटफ़ॉर्म के जरिए दिल्ली के स्थानीय बाजारों को भी ऑनलाइन जगत में एंट्री का आसान रास्ता देते हुए, उन्हें इंटरनेट के इस दौर में देश-विदेशों में भी अपने प्रोडक्ट्स को डिस्प्ले करने व बेंच सकने की सुविधा से लैस करने का इरादा रखती है।

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बताया जा रहा है कि बिना किसी सेटअप लागत के साथ, Dilli Bazaar स्थानीय दुकानदारों के लिए अन्य ई-कॉमर्स पोर्टलों की तुलना में ऑनलाइन स्टोर शुरू कर सकने का एक बेहद सस्ता विकल्प होगा।

यह ई-पोर्टल दिल्ली के व्यापारियों व दुकानदारों को ऑफलाइन दुकानों से परे, एक 24×7 पर्सनलाइज्ड ऑनलाइन स्टोरफ्रंट की पेशकश कर सकने में मदद करेगा। इस ई-पोर्टल पर ग्राहक किसी दुकान, प्रोडक्ट या बाजार के नाम से भी उसको सर्च कर सकेंगे।

लेकिन इन तमाम सुविधाओं के बाद भी, ये ई-पोर्टल पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से अलग होगा, कैसे? आइए जानते हैं!

क्या होगा Dilli Bazaar E-Portal का स्वरूप?

आगामी दिसंबर में इस पोर्टल को 10,000 विक्रेताओं के साथ लाइव किया जाएगा। लेकिन एक बार लाइव होने के बाद सरकार 6 महीने के भीतर दिल्ली के 1 लाख अधिक दुकानदारों को इस ‘ई-पोर्टल’ से जोड़ने का काम करेगी।

दिलचस्प रूप से यह ई-पोर्टल दिल्ली में ई-मार्केटप्लेस ‘ओपन नेटवर्क’ स्थापित करने के लिए ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) प्रोटोकॉल को अपनाएगा, जो खरीदार और विक्रेता के लेनदेन के लिए एक बंद प्लेटफॉर्म के बजाए विकेंद्रीकृत स्वरूप में ‘ओपन नेटवर्क’ प्रदान करेगा। आइए इसको आसान भाषा में समझते हैं।

मान लीजिए कोई ग्राहक घर बैठे कनॉट प्लेस की किसी दुकान से कोई सामान खरीदना चाहता है। इसके लिए सबसे पहले उसको इस ई-पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा और दुकान का चयन करना होगा।

अब उस ग्राहक को न सिर्फ Dilli Bazaar ई-पोर्टल पर उस सामान की खरीद का विकल्प मिलेगा, बल्कि इसके साथ ही वह अन्य पोर्टलों से भी वह सामान खरीद सकता है जहाँ उस दुकान या विक्रेता ने अपने सामानों को लिस्ट किया है।

दिल्ली सरकार इस पोर्टल के तमाम आयामों की देख-रेख आदि के लिए एक अलग एजेंसी भी नियुक्त कर सकती है।

सरकार की ओर से बताया गया कि इस योजना के तहत दिल्ली के व्यापारियों/दुकानदारों को Dilli Bazaar ई-पोर्टल के साथ ही अन्य तमाम ई-कॉमर्स पोर्टलों पर प्रोडक्ट्स को बेचनें की सहूलियत मिलेगी।

सरकार की कोशिश है कि इस पोर्टल के उत्पादों को सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाया जाए और साथ ही लेनदेन के लिहाज से भी इसमें सभी ई-भुगतान विकल्प मौजूद हों।

मिलेगा स्थानीय बाजारों का डिजिटल टूर

ग़ौर करने वाली बात ये भी है कि Dilli Bazaar पोर्टल के जरिए आप दिल्ली के चांदनी चौक, सरोजिनी से लेकर पालिका व अन्य मार्केट का वर्चुअल टूर भी कर सकते हैं। इसके तहत आप उन बाजार की सड़कों और दुकानों को भी देख सकेंगे।

वैसे इसको दिल्ली के 5 बाजारों से शुरू किया जाएगा, और फिर धीरे-धीरे इससे दिल्ली के अन्य बाजारों को भी जोड़ा जाएगा।