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Image Credit: Gullak

Startup Funding – Gullak: भारत बचत और निवेश सेगमेंट में शीर्ष बाजारों में गिना जाता है और इसलिए अब तमाम कंपनियाँ इस सेगमेंट से जुड़ी संभावनाओं को तलाशती नजर आ रहीं हैं। और अब ऐसे ही एक भारतीय बचत और निवेश ऐप Gullak ने प्री-सीड फंडिंग राउंड के तहत लगभग ₹10 करोड़ ($1.3 मिलियन) का निवेश हासिल किया है।

कंपनी को यह निवेश Better Capital और Stellaris Ventures Partners के नेतृत्व में मिला है। साथ ही इस निवेश दौर में कुछ दिग्गज व्यक्तिगत निवेशकों जैसे विमल कुमार और शीतल लालवानी (सह-संस्थापक, JusPay), नितिन गुप्ता (संस्थापक व सीईओ, UniCards) आदि ने भी भागीदारी दर्ज करवाई।

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कंपनी के मुताबिक, प्राप्त की गई इस नई पूँजी का इस्तेमाल बाजार में अपनी पहुंच को बढ़ाने और उत्पादों का विस्तार करते हुए इनकी मार्केटिंग आदि के लिए किया जाएगा।

Gullak की शुरुआत जनवरी 2022 में JusPay के पूर्व अधिकारियों – नैमिषा राव (Naimisha Rao), मंथन शाह (Manthan Shah) और दिलीप जैन (Dilip Jain) ने मिलकर की थी।

यह प्लेटफ़ॉर्म अपने ग्राहकों को हर महीनें एक तय छोटी रकम की बचत करते हुए, उसको ऑटोमेटिक रूप से डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकने की सुविधा प्रदान करता है।

मई 2022 में ही इस स्टार्टअप ने अपने ऐप का आधिकारिक वर्जन लॉन्च किया था और तब से अब तक यह लगभग 9,000 उपयोगकर्ताओं को जोड़ चुका है। कंपनी का दावा है कि फिलहाल यह हर दिन ₹1,000 तक के लेनदेन दर्ज कर रहा है।

वैसे Gullak आने वाले महीनों में 1 लाख से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं (MAU) और प्रति दिन ₹10 लाख तक के सकल लेनदेन मूल्य (GTV) का आँकड़ा छूने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

कंपनी के ऐप पर लोगों को मुख्य रूप से दो विकल्प दिए जाते हैं। पहला एक Recurring Savings विकल्प है, जिसे यूजर्स दैनिक या मासिक रूप से एक निश्चित राशि की बचत कर सकते हैं और फिर उसको डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं।

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वहीं दूसरा विकल्प – Save On Every Spend का, जिसके तहत यूजर्स के दैनिक लेनदेन को निकटतम 10 तक राउंड अप करते हुए, इसे ऑटोमेटिक गोल्ड में निवेश किया जाता है।

स्टार्टअप ने इस गोल्ड इन्वेस्टमेंट फीचर की पेशकश करने के लिए मुंबई स्थित डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म ऑगमोंट गोल्ड के साथ साझेदारी की है और हर लेनदेन पर कमीशन कमाता है।

इस निवेश को लेकर कंपनी के सह-संस्थापकों ने कहा;

“भारत की अधिकांश बचत बहुत ही मैनुअल और असंगठित रूप से होती है, और लगभग सारा पैसा गैर-मुद्रास्फीति वाले टूल्स में लगाने से लोगों को 5% से कम रिटर्न मिलता है।”

“हम शुरुआती दिनों से UPI यात्रा का हिस्सा रहे हैं और अब यह हैरान करता है कि आख़िर कैसे UPI ने भारत में लेनदेन के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया। अब हम ‘बचत’ के विषय में भी ऐसा ही एक सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं!”