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Crypto Consultation Paper in India: क्रिप्टोकरेंसी की ओर दुनिया भर के लोगों का रुझान तेज़ी से बढ़ रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। भारत में भी लोग तेज़ी से क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में उतर रहे हैं। भारत सरकार पहले से ही क्रिप्टोकरेंसियों से होने वाली आय पर 30% का टैक्स और 1% टीडीएस लगा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी कहीं न कहीं देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार के स्पष्ट रेग्युलेशन व दिशानिर्देशों की कमी नज़र आती रही है।

पर इसको लेकर अब एक और बड़ी अपडेट सामने आई है। आस में हुआ ये कि भारत सरकार के आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने सोमवार को अपने एक बयान में बताया कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लकर ‘कन्सल्टेशन पेपर’ (परामर्श पत्र) लगभग तैयार कर लिया है, और जल्द इसको पेश किया जा सकता है।

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आर्थिक मामलों के सचिव, अजय सेठ ने एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा,

“सरकार ने इस ‘कन्सल्टेशन पेपर’ को तैयार करने के लिए काफी विचार-विमर्श किया है।”

दिलचस्प यह है कि रूप से आर्थिक मामलों के सचिव ने यह भी बताया कि इस ‘कन्सल्टेशन पेपर’ को तैयार करने के लिए घरेलू हितधारकों के साथ ही साथ आईएमएफ (IMF), विश्व बैंक जैसे संगठनों से भी परामर्श किया गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई है की जल्द ही इस ‘कन्सल्टेशन पेपर’ को अंतिम रूप प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक वैश्विक सहमति बनाने की जरूरत है।

माना ये जा रहा है कि भारत सरकार ये तमाम कोशिशें भारतीय निवेशकों के निवेश को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से कर रही है, जिससे क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई दिशानिर्देशों को जारी करने से पहले विश्व के तमाम अन्य देशों द्वारा इस तकनीक पर उठाए गए कदमों, सवालों और, चिंताओ को परखा जा सके।

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लेकिन इतना ज़रूर रहा है कि अजय सेठ ने सरकार के पुराने रूख को ही दोहराते हुए बताया कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार की मंशा का ज़िक्र कुछ समय पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं। (पूरा बयान पढ़ें!)

पीएम मोदी ने क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन का जिक्र करते हुए कहा था,

“सभी लोकतांत्रिक देशों को ये अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए कि ये नई डिजिटल करेंसी किसी भी तरीक़े से गलत हाथों में न जानें पाए। ये चीज़ हमारे युवाओं को बर्बाद भी कर सकती है।”

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साफ तौर पर भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर समय समय पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से लेकर आरबीआई (RBI) तक अपनी राय सार्वजनिक रूप से पेश करते रहे हैं।

कुछ ही समय पहले RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी को देश की ‘वित्‍तीय स्थिरता’ के लिए खतरा तक बता डाला था।

याद दिला दें वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफ़र (लेनदेन) आदि से होने वाली आय पर 30% टैक्स लगाने का ऐलान किया था, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा गया था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) साल 2023 की शुरुआत तक देश की आधिकारिक डिजिटल करेंसी लॉन्च करता नज़र आएगा।

इस बीच अब आर्थिक मामलों के सचिव द्वारा यह कहना कि सरकार जल्द से जल्द क्रिप्टो पर ‘कन्सल्टेशन पेपर’ (परामर्श पत्र) पेश कर सकती है, शायद इस बात का भी इशारा है कि भारत सरकार जल्द ही इस दिशा में कोई बड़ा कदम उठा सकती है।