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Image Credit: Evenflow

Ecommerce startup Evenflow raises Rs 38 Cr in funding: इस बात में कोई संदेह नहीं है कि देश भर में ऑनलाइन बिक्री का कल्चर काफ़ी तेज़ी से बढ़ा है, ख़ासकर महामारी के बाद। और यही वजह भी है कि भारत का ई-कॉमर्स बाज़ार अब काफ़ी प्रतिद्वंदिता से भरा हुआ है, जिसमें ख़ुद की जगह बना पाना कोई आसान बात नहीं है।

ऐसे में कई कंपनियाँ हैं जो ऐसे ई-कॉमर्स ब्रांड्स को अपने तमाम समाधानों के ज़रिए मदद करती है। और अब ऐसे ही एक स्टार्टअप Evenflow ने अपने प्री-सीरीज़-ए फ़ंडिंग राउंड के तहत $5 मिलियन (लगभग ₹38 करोड़) का निवेश हासिल किया है।

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कंपनी को यह निवेश Village Global, 9Unicorns, Venture Catalysts, LetsVenture, Shiprocket समेत कुछ दिग्गज़ ऐंजल निवेशकों जैसे – विजय शेखर शर्मा (Paytm), कुणाल शाह (CRED) व अन्य से मिला है।

यह स्टार्टअप असल में बेहतरीन डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स के साथ साझेदारी करता है, जो मुख्य रूप से Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart जैसे ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस पर अपना सामान बेचतें हैं।

कंपनी ऐसे ब्रांड्स को अधिक से अधिक लाभ कमाने और सुचारु संचाल को लेकर तमाम पेशकशों के माध्यम से मदद करता है।

Evenflow की शुरुआत साल 2021 में उत्सव अग्रवाल (Utsav Agarwal) और पुलकित छाबड़ा (Pulkit Chhabra) ने मिलकर की थी।

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आसान शब्दों में समझने की कोशिश करें तो कंपनी मार्केटप्लेसों पर थर्ड-पार्टी विक्रेताओं को अपने साथ जोड़ते हुए, उन्हें मार्केटिंग, ब्रांडिंग, कैटलॉगिंग, सप्लाई चेन, सोर्सिंग, चैनल विस्तार, आदि को लेकर मदद करते हुए बिज़नेस को बढ़ाने में मदद करती है।

यह स्टार्टअप उन कैटेगॉरियों में करोड़ो की वैल्यूएशन वाले ‘ब्रांड’ बनाने पर भी ध्यान दे रहा है, जहां उपभोक्ताओं के पास ब्रांडेड विकल्प नहीं हैं – जैसे घर और रसोई, शिशु देखभाल, खेल और फिटनेस, बागवानी आदि।

फ़िलहाल कंपनी का मक़सद ऐसे क़रीब 100 से अधिक डिजिटल-फ़र्स्ट ब्रांड्स को अपने साथ जोड़ने का है। इस बीच कंपनी के सह-संस्थापक, उत्सव ने कहा;

“हम बीते 12 महीनों में क़रीब 7 ब्रांड्स को अपने साथ जोड़ने और 2 निजी लेबल लॉन्च करने में सफ़ल रहें हैं। हमारी टीम इन काल्पनिक रूप से निर्मित छोटे व्यवसायों को रोजमर्रा के ब्रांडों के रूप में पहचान दिलाने को लेकर प्रतिबद्ध है।”

वैसे कंपनी का मक़सद आने वाले 12-18 महीनों में ऐसे 20 से अधिक भारतीय ब्रांड्स को विकसित करने का है। इसके तहत कंपनी प्राप्त की गई नयी पूँजी को अपनी टीम का विस्तार करने, नए अधिग्रहण करने और अपनी तकनीक व संचालन को व्यापाक बनाने में करेगी।