whatsapp-can-offer-upi-services-to-10-crore-users-in-india

WhatsApp UPI Payment in India: यूपीआई (UPI) पेमेंट सुविधा जहाँ एक ओर तेज़ी से भारतीय लोगों के जीवन का हिस्सा बन रही है, वहीं इस बाज़ार में अधिक से अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए तमाम टेक दिग्गज़ कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा करती नज़र आती है।

और इस लिस्ट में सबसे लेटेस्ट नाम रहा है WhatsApp का, जिसमें कुछ ही साल पहले भारत में UPI पेमेंट सुविधा की पेशकश शुरू की है। पर अब कंपनी के लिए एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी सामने आई है।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

असल में नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अब WhatsApp को अपनी UPI पेमेंट्स सुविधा से 6 करोड़ नए यूजर्स को जोड़ने की मंजूरी दे दी है।

आपको बता दें तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अब तक कंपनी के पास सिर्फ़ 4 करोड़ उपयोगकर्ताओं को ही सेवाओं की पेशकश करने की मंज़ूरी प्राप्त थी, लेकिन इस नए ऐलान के बाद अब WhatsApp अपने प्लेटफ़ॉर्म पर UPI ट्रांजैक्शन की सेवाएँ 100 मिलियन (यानि 10 करोड़) उपयोगकर्ताओं को पेश कर सकता है।

पिछले साल नवंबर 2021 में ही NPCI ने व्हाट्सएप पे (WhatsApp Pay) को अपने उपयोगकर्ता आधार को 2 करोड़ की सीमा से दोगुना तक बढ़ा सकने की अनुमति दी थी।

ये इसलिए दिलचस्प हो जाता है क्योंकि WhatsApp के पास भारत में क़रीब 500 मिलियन (50 करोड़) का उपयोगकर्ता आधार है, मतलब ये कि क्योंकि WhatsApp Pay की सुविधा भी मुख्य ऐप पर ही उपलब्ध है, इसलिए कंपनी को नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अन्य के मुक़ाबले कम मेहनत करनी पड़ेगी।

whatsapp-banned-over-20-lakh-indian-accounts-in-august

इस क्षेत्र में Google Pay, PhonePe, Paytm, Amazon Pay जैसी दिग्गज़ कंपनियाँ भी काफ़ी निवेश करते हुए अपने ग्राहक आधार को अधिक से अधिक ले जाने के प्रयास करती नज़र आ रही है।

क्यों मची है भारत के UPI बाज़ार को लेकर होड़

तमाम वैश्विक दिग्गज़ कंपनियों के बीच UPI पेमेंट सेगमेंट को लेकर होड़ का कारण साफ़ है, असल में UPI पेमेंट भारत में हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा है।

मार्च 2022 में ही ट्रांजैक्शन के अपने ही सारे रिकॉर्ड्स तोड़ते हुए UPI ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NCPI) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, UPI ने 29 मार्च तक ₹8,88,169 करोड़ के 504 करोड़ लेनदेन दर्ज किए।

जनवरी 2022 में UPI के ज़रिए रिटेल लेनदेन का की क़ीमत ₹8.32 लाख करोड़ रही थी।