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UPI Lite – Payment without Internet: इस बात में कोई शक नहीं है कि भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पेमेंट सिस्टम को काफ़ी तेज़ी से अपनाया जा रहा है और हम कह सकतें हैं कि इसने देश में डिजिटल पेमेंट क्रांति लाने की दिशा में एक अहम रोल अदा किया है।

लेकिन ज़रा सोचिए, आज भी भारत में कई लोग़ व स्थान ऐसे हैं, जिनके पास सुचारु इंटरनेट सुविधा तक पहुँच पाना मुश्किल है। तो क्या ऐसे में वो डिजिटल पेमेंट के इस दौर में पिछड़ जाएँगें? नहीं! क्योंकि सरकार अब इस दिशा में भी कोशिशें शुरू कर दी हैं।

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असल में Mint द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में ये सामने आया है कि नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक ऐसे सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है, जिसके तहत बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी UPI आधारित डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा।

रिपोर्ट के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि, इस समाधान को UPI Lite का नाम दिया गया है। ये शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्रों में ₹200 तक का डिजिटल पेमेंट करने के लिए मुहैया करवाया जाएगा।

आपको याद दिला दें, 5 जनवरी से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बिना इंटरनेट कनेक्शन के ₹200 तक के ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट की शुरुआत कर दी है।

सामने आया है कि UPI Lite मूलतः फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को अपने बैंक अकाउंट से सीधे डिजिटल तौर पर पेमेंट कर सकने की सहूलियत देगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके तहत 2 तरीक़े के सोल्यूशन की टेस्टिंग की जा रही है, SIM Overlay और दूसरा है एक सॉफ्टवेयर आधारित समाधान, जो ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट का लाभ उठाता नज़र आएगा।

बात करें सिम ओवरले (SIM Overlay) की तो इसको एक ऐसी तकनीक के रूप में सामने रखा जा रहा है, जो फोन में लगे सिम कार्ड की कार्यक्षमता का विस्तार करती है, जिससे भुगतान और अन्य सेवाओं को बिना डेटा (इंटरनेट) के भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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रिपोर्ट के मुताबिक़, सिम ओवरले पैसों के लेनदेन के लिए टेलीकॉम नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा फोन के अंदर ओवरले को जोड़ा जाएगा। उपयोगकर्ता स्टोर्स पर जाकर अपने फोन में इसको एम्बेड करवा सकते हैं।

इसके बाद एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस या जिसे आमतौर पर UPI ID कहते हैं, SMS के ज़रिए बनाई जाएगी। इसके बाद भुगतानकर्ता को उस कांटैक्ट का चयन करना होगा जिसे उसको पैसे भेजने हैं। अगर उस कांटैक्ट के पास भी UPI ID है, तो भुगतानकर्ता को बस उसके नाम पर क्लिक करना होगा, पैसे दर्ज करने होंगे और फिर वह पैसे भेज सकता है।

सिम ओवरले के ज़रिए किए गए पेमेंट UPI सिस्टम के तहत NPCI द्वारा प्रबंधित सर्वर पर जाएंगे, और वहां से मूल UPI यूपीआई नेटवर्क पर ये लेनदेन पूरा होगा।

वहीं OTA समाधान के तहत सीधे डिवाइस के फ़र्मवेयर को उपयोग में लाया जाता है। आप इसको ऐसे समझ सकते हैं जैसे Nokia के मोबाइल फ़ोनों में आने वाला Snake गेम जैसे बिना 3G या 4G इंटरनेट के अपडेट प्राप्त करते हैं।

ख़ैर! साफ़ कर दें कि इसको लेकर अभी कोई भी आधिकारिक सार्वजनिक शुरुआत नहीं की गई है, लेकिन इसके बारे में जैसे ही कोई अन्य अपडेट सामने आती है, हम आप तक उसको पहुँचाने का काम करेंगें।