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Delhivery invests in Falcon Autotech: नए दौर के लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Delhivery ने हाल में वेयरहाउसिंग ऑटोमेशन उत्पादों की पेशकश करने वाली नोएडा आधारित कंपनी Falcon Autotech में निवेश का ऐलान किया है।

Falcon Autotech को मुख्यतः लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जगत में इंट्रालॉजिस्टिक्स ऑटोमेशन सॉल्यूशंस, सॉर्टेशन सिस्टम व अन्य कई सुविधाएं प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

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वैसे कंपनियों की ओर से आधिकारिक रूप से निवेश की राशि का ख़ुलासा नहीं किया गया है। लेकिन ईटी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये बताया गया है कि ये राशि 20 या 30 मिलियन डॉलर (क़रीब ₹150 करोड़) के आसपास हो सकती है। साफ़ कर दें कि इन आँकड़ो पर किसी भी कंपनी ने पुष्टि की मोहर नहीं लगाई है।

लेकिन गुरुग्राम आधारित Delhivery ने Falcon Autotech में निवेश की वजह को ज़रूर साफ़ किया है। कंपनी के अनुसार ये निवेश संचालन को बेहतर बनाने के लिए ‘भविष्य आधारित’ हार्डवेयर समाधानों में निवेश करने की उसकी रणनीति का ही हिस्सा है।

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Delhivery के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर (COO), अजित पई (Ajith Pai) ने अपने बयान में कहा;

“Falcon Autotech के ज़रिए हमारी बिज़नेस लाइनों को अधिक स्पीड, सटीकता और दक्षता से चलाने में मदद मिलेगी और हमारी बिज़नेस लाइनों की क्षमता और बेहतर हो सकेगी।”

कंपनी के मुताबिक़ इस नए निवेश या साझेदारी के तहत हार्डवेयर ऑटोमेशन सॉल्यूशंस Delhivery के SaaS (सॉफ़्टवेयर-एज़-ए-सर्विस) प्लेटफ़ॉर्म को भी और दक्ष बनाने का काम करेगा, जो कंपनी के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में विकास के लिहाज़ से बेहद अहम क्षेत्र है।

इसके पहले, पिछले साल अगस्त 2021 Delhivery ने अपने बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) वर्टिकल को मजबूत करने के इरादे से Spoton Logistics का भी अधिग्रहण किया था।

वहीं इस निवेश को लेकर Falcon Autotech के सीईओ, नमन जैन (Naman Jain) ने कहा;

“यह निवेश ग्राहकों के प्रति Falcon की प्रतिबद्धता, हमारे डिजाइन, तकनीक और डिस्ट्रिब्यूशन क्षमताओं को प्रमाणित करने के साथ ही भविष्य के उत्पादो को एक रोडमैप भी प्रदान करेगा।”

Delhivery का ये निवेश इसलिए और दिलचस्प हो जाता है क्योंकि कंपनी ने बीते साल नवंबर 2021 में ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) में ₹7,460 करोड़ के इनिशल पब्लिक ऑफ़रिंग (IPO) के लिए अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था।

साथ ही तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस लिस्टिंग के लिए कंपनी अपनी वैल्यूएशन को $6.5 बिलियन तक आंक रही है।

इस फाइलिंग के अनुसार निजी इक्विटी फंड Carlyle, जापान का सॉफ्टबैंक विजन फंड (SoftBank Vision Fund) और टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) जैसे मौजूदा निवेशक अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचते नज़र आएँगें।