grofers-changes-its-name-to-blinkit-promises-10-minute-delivery
Credit: Grofers (Blinkit) Blogs

Grofers is Now Blinkit: देश में बीते दो सालों में महामारी के चलते लगे लॉकडाउन आदि के चलते और भी तेज़ी से लोकप्रिय हुए ग्रॉसरी डिलीवरी यूनिकॉर्न स्टार्टअप ग्रोफर्स (Grofers) ने अब अपना नाम बदल कर ब्लिंकिट (Blinkit) रख लिया है।

जी हाँ! कंपनी क्की री-ब्रांडिंग से जुड़े बड़े कदम के पीछे की वजह यह है कि कंपनी क्विक कॉमर्स यानि कम से कम समय में सामान की डिलीवरी सेगमेंट में बड़ा दाँव लगाना चाहती है।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

हम सब जानते हैं कि Grofers (जो अब Blinkit है) के संस्थापक, अलबिंदर ढींडसा (Albinder Dhindsa) ने कुछ ही समय पहले 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी जैसी सेवाओं का ज़िक्र किया था और ये कदम उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसकी पुष्टि ख़ुद अलबिंदर ने एक ब्लॉगपोस्ट के ज़रिए की है।

ज़ाहिर है, Gorfers का ये नया नाम यानि Blinkit दर्शाता है कि कंपनी अब आपको पलक झपकते ही (या आँखो को Blink करते ही) आपके सामान की डिलीवरी कर देगी।

Gorfers changes its name to Blinkit (Hindi)
team-blinkit-grofers-founder
Credit: Grofers (Blinkit) Blogs

जैसा हमनें पहले ही बताया ये री-ब्रांडिंग ऐसे वक़्त में की गई है जब कंपनी द्वारा इस साल अगस्त में 10 मिनट में किराने के सामान की डिलीवरी की सुविधा पेश की गई है, शुरुआत में इस सेवा को 12 भारतीय शहरों से शुरू किया गया था।

दिलचस्प ये है कि ये बदलाव ऐसे वक़्त में हुआ है जब Grofers (अब Blinkit) अपने मौजूदा निवेशक Zomato से नए निवेश दौर के तहत क़रीब $500 मिलियन का फ़ंड हासिल करने को लेकर बातचीत कर रहा है।

कंपनी के संस्थापक और सीईओ, अलबिंदर ढींडसा मीडिया चैनलों को दिए कुछ इंटरव्यू में ये ज़ाहिर कर चुके हैं कि फ़िलहाल उनके प्लेटफ़ॉर्म पर रोज़ाना क़रीब 1.25 लाख ऑर्डर आ रहे थे।

grofers-becomes-blinkit

साथ ही उनका मानना है कि आज के दौर में 10 मिनट में डिलीवरी न सिर्फ़ संभव है बल्कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जरूरी भी है, ताकि लोगों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए ज़्यादा इंतज़ार ना करना पड़े।

इस बदलाव की पुष्टि करते हुए अलबिंदर ने एक ब्लॉग में लिखा;

“कुछ समय पहले ही हमने अपने ग्राहकों को अधिकांश सामान की 10-मिनट में डिलीवरी करने की सुविधा पेश करने की शुरुआत की थी। और आज हम एक हफ़्ते में भारत के 12 शहरों में 10 लाख से अधिक ऑर्डर प्रॉसेस कर रहें हैं और ये सिर्फ़ शुरुआत है।”

“हमने Grofers के रूप में बहुत कुछ सीखा है, और हमारी सभी सीख, हमारी टीम और हमारा बुनियादी ढांचा इस तेज कॉमर्स बाज़ार में काफ़ी उपयोगी साबित होगा। आज हम एक नई कंपनी के रूप में आगे बढ़ रहे हैं, और हमारे पास है एक नया मिशन स्टेटमेंट है – “तेज डिलीवरी अब किसी जादू से कम नहीं। और हम अब Grofers के रूप में नहीं बल्कि Blinkit के रूप में इस मिशन के साथ आगे बढ़ेंगे।”

Grofers (Blinkit) का ये सफ़र इसलिए और रोचक हो जाता है क्योंकि देश के सबसे बड़े फ़ूड डिलीवरी दिग्गजों में से एक Zomato अब इसका एक रणनीतिक हिस्सेदार है, और इसका मतलब ये हुआ कि अब Swiggy का Instamart (जो 15-मिनट में डिलीवरी का दावा करता है), BigBasket, Dunzo और Zepto आदि Grofers (Blinkit) के साथ साथ Zomato के भी प्रतिद्वंदी हैं।

वैसे बता दें Blinkit 10 मिनट में डिलीवरी सुविधा की पेशकश करने के लिए कई शहरों में स्थानीय स्टोर मालिकों के साथ साझेदारी कर रही है, जो ऑनलाइन ई-कॉमर्स डिलीवरी सेगमेंट में एक ‘डार्क स्टोर योजना’ की तरह देखी जाती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय व्यापारी इन स्टोरों को स्थापित करने के लिए स्वयं से निवेश कर रहें हैं, लेकिन इनमें से कुछ को कंपनी की तरफ़ से भी सहयोग दिया जा रहा है।