after-zomato-ola-starts-10-minute-food-delivery

Ola Funding News: कैब सेवा प्रदाता दिग्गज़ Ola ने अब अपने हालिया निवेश दौर में $139 मिलियन (लगभग ₹1000 करोड़) का निवेश हासिल किया है। दिलचस्प ये है कि इसके साथ ही कंपनी की वैल्यूएशन भी $7.3 बिलियन तक पहुँच गई है।

नियामक फाइलिंग में ये सामने आया है कि बेंगलुरू आधारित इस कंपनी ने अपने अपने सीरीज-J (G4) राउंड के तहत ये निवेश जुटाया है, और बतौर निवेशक इस दौर का नेतृत्व Edelweiss PE ने किया।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

वहीं Edelweiss PE के अलावा भी इस निवेश दौर में IIFL, Hero Enterprise, Siddhant Partners, Tejal Merchantile व अन्य निवेशकों ने भागीदारी दर्ज की।

ये निवेश ऐसे वक़्त में आया है जब कई अन्य दिग्गज़ स्टार्टअप्स की तरह ही Ola भी अब IPO दायर करने को लेकर अपनी कमर कस रहा है।

इस बीच फ़ाइलिंग में ये भी सामने आया है कि इस निवेश दौर में Edelweiss Crossover Opportunity Fund ने Ola में ₹250 करोड़ का निवेश किया, वहीं IIFL Special Opportunity Fund और IIFL Monopolistic Market Intermediaries Fund मिलकर ₹187 करोड़ और Hero Enterprise क़रीब ₹112 करोड़ का निवेश करते नज़र आए।

Ola Electric Funding News

ग़ौर करने वाली एक और ख़बर है कि दोपहिया इलेक्ट्रिक बाइक बनाने वाली Ola की सहायक कंपनी Ola Electric ने भी Temasek के नेतृत्व में एक हालिया निवेश दौर में $52.7 मिलियन (क़रीब ₹400 करोड़) का निवेश हासिल किया है।

इसके क़रीब 2 महीनें पहले भी Ola Electric ने $200 मिलियन का फ़ंड जुटाया था, और तब इसकी वैल्यूएशन क़रीब $3 बिलियन तक आँकी गई थी।

फाइलिंग से ये भी सामने आया है कि SoftBank जैसे दिग्गज़ निवेशक को अपने पोर्टफ़ोलियो में शामिल रखने वाली Ola ने भू-स्थानिक सेवा प्रदाता GeoSpoc का भी अधिग्रहण किया है। ये अधिग्रहण क़रीब ₹26 करोड़ में किया गया है।

इस बात में कोई शक नहीं है कि Ola कैब सेवा क्षेत्र में कार्यरत कुछ सबसे बड़े नामों में से एक है। अब कंपनी ने भारत के साथ ही साथ ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा ली है।

Uber के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा करने वाली Ola ने अब तक अपने प्लेटफॉर्म पर 10 लाख से अधिक ड्राइवर पार्टनर्स को जोड़ लिया है और अकेले 2020-21 में इसने क़रीब 1 करोड़ नए उपयोगकर्ता को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ने में सफ़लता हासिल की है।

पर कंपनी अभी भी लगातार अधिक ड्राइवर पार्टनर्स को ख़ुद के साथ जोड़ने, नए शहरों में प्रवेश करने व अपने प्लेटफ़ॉर्म को तकनीकी रूप से और भी बेहतर बनाने बेकी दिशा में काम कर रही है।

असल में बीते 2 साल ख़ासकर महामारी के चलते पैदा हुई लॉकडाउन जैसी स्थिति में Ola व इसके जैसी तमाम कैब सेवा प्रदाता कंपनियाँ बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। बता दें महामारी की पहली लहर के दौरान तो Ola के राजस्व में 95% तक की गिरावट देखी गई थी।

उस दौरान इसका कुल परिचालन राजस्व (जिसमें फ़ूड डिलीवरी और वित्तीय सेवाएं भी शामिल हैं), क़रीब ₹983 करोड़ रहा था, जो वित्त वर्ष 2015 में ₹2,662 करोड़ से काफ़ी कम रहा था।

फ़िलहाल एक बार फिर से देश के सामान्य स्तर पर लौटने और प्रतिबंधों में मिली ढील के बाद से Ola व अन्य कंपनियों ने वापस से व्यवसाय में तेजी दर्ज की है।