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First Indigenous Server RUDRA: भारत का आईटी जगत बीते कुछ दशकों में तेज विकास का गवाह बना है। और प्राइवेट क्षेत्र के साथ ही साथ अब सरकारी क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिलने लगा है।

इसी कड़ी में अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (MoS IT) के राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को देश के पहले स्वदेशी सर्वर ‘RUDRA’ (रुद्र) लॉन्च किया है।

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MeitY और DST के सहयोग से नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC) द्वारा इसको बनाया गया है।

सरल शब्दों में इसका एक मतलब ये भी हुआ कि रूद्र (RUDRA) देश का पहला ऐसा सर्वर है जिसको देश में ही बनाया गया है, इसलिए इसको First Indigenous Server की उपाधि भी दी गई है।

पर आपमें से बहुत से लोग ये जानना चाहते होंगें कि आख़िर ये Rudra Server क्या काम करेगा? तो आपको बता दें, मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार इस सर्वर का इस्तेमाल एकल रूप से क्लासिकल कमर्शियल सर्वर (Classic Commercial Server) के साथ-साथ बड़े ‘सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम’ को बनाने के लिए किया जाएगा।

देखा जाए तो रुद्र सर्वर (Rudra Server) नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के फेज-3 के तहत बनाया गया है। पर सवाल उठता है कि भला नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) है क्या?

What is National Supercomputing Mission (NSM)?

नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) का मक़सद भारत में ही स्वदेशी तरीक़े से सुपर कंप्यूटरों को डिजाइन करने और अंतिम रूप से देश के भीतर ही इनका निर्माण करने का है। संभावनाओं को देखते हुए भारत जैसे देश में इस पहल की अहमियत और भी बढ़ जाती है।

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और अब देश में मिलने वाला ये स्वदेशी सर्वर हाई पर्फ़ॉर्मन्स कम्प्यूटर (HPC) सिस्टम, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, एज कंप्यूटिंग, बैंकिंग और वाणिज्य, विनिर्माण, तेल और गैस उद्योग, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, मनोरंजन उद्योग, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होता।

आधिकारिक बयान के अनुसार;

“यह सर्वर आँकलन के आधार पर देश की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार डिजाइन और डिस्ट्रिब्यूशन क्षमता को दर्शाने का भी काम करेगा, जिसके चलते राष्ट्रीय रूप से व्यापाक रणनीतिक बनाने में भी मदद मिल सकेगी।”