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Cryptocurrency Exchanges Blocking Accounts? हाल ही में भारत सरकार के अधीन आने वाली कुछ सरकारी एजेंसियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल का अंदेशा जताया था और एक चेतावनी सी दी थी। और लगता है कि अब इसका असर भारतीय क्रिप्टोकरेंसी तंत्र में दिखने भी लगा है।

जी हाँ! सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सरकार एजेंसियों द्वारा क्रिप्टो के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध को अंजाम दिए जाने की ख़तरे के बारे में आगाह करने के बाद अब भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों ने ऐसे बिज़नेस व अन्य अकाउंट्स को रिपोर्ट और ब्लॉक करना शुरू कर दिया है, जो संदिग्ध ट्रेड आदि गतिविधियाँ करते नज़र आ रहें हैं।

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ET की एक हालिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार की साइबर अपराध शाखा से जुड़े अधिकारियों, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग सहित अन्य कुछ एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग को लेकर संदेह व्यक्त करते हुए रेड फ़्लैग यानि ख़तरे के बारे में आगाह किया था।

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दिलचस्प ये है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों ने इस चेतावनी के बाद ख़ुद ही सेल्फ़-रेग्युलेशन की प्रक्रिया शुरू करते हुए, संदेहात्मक अकाउंट्स के ख़िलाफ़ कार्यवाई तेज कर दी है।

देखा जाए तो क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज इस वक़्त भारत में किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहते हैं, क्योंकि अब तक देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर स्पष्ट नियम या इन पर स्पष्ट रूप से टैक्स संबंधित प्रावधान का खाका तैयार नहीं किया गया है।

इतना ही नहीं बल्कि देश के कुछ टॉप क्रिप्टो एक्सचेंजों से कुछ संदिग्ध खातों के संबंध में विदेशी जांचकर्ताओं या एजेंसियों द्वारा भी कुछ जानकारियाँ माँगे जाने की ख़बरें भी सामने आई है।

इस बीच देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक, WazirX ने हाल ही में “पारदर्शिता रिपोर्ट” नामक एक रिपोर्ट में इस संबंध में कुछ आँकड़ो को उजागर किया है।

उस रिपोर्ट के अनुसार, इस साल यानि 2021 में अप्रैल से सितंबर के बीच, WazirX को कानूनी प्रवर्तन एजेंसियों से जानकारियाँ प्राप्त करने आदि को लेकर क़रीब 377 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें से 38 अनुरोध विदेशी कानूनी प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा किए गए थे।

ये भी बताया गया कि क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX ने इस अवधि के दौरान क़रीब 1,500 अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया।

कुल तौर पर देखें तो इस क्रिप्टो एक्सचेंज ने अपने प्लेटफ़ॉर्म पर क़रीब 14,469 अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। लेकिन ग़ौर करने वाली बात ये है कि ब्लॉक किए गए अकाउंट्स में अधिकतर ऐसे थे जिनको ख़ुद उन अकाउंट मालिकों ने बंद करने का आग्रह किया था या फिर कुछ भुगतान संबंधी मुद्दे को लेकर ऐसा किया गया।

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बीते कुछ समय से भारत में कई नियामकों ने कुछ क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन को लेकर संदेह व्यक्त करते हुए, आपराधिक गतिविधियों ने शामिल होने तक की आशंका जताई है।

वहीं इस विषय की गम्भीरता को देखते हुए ऐसा लगता है कि अब देश में ज़्यादातर क्रिप्टो एक्सचेंजों ने एक मजबूत आंतरिक मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम पॉलिसी को तैयार करने और अपनाने का मन बना लिया है।

ये ज़रूरी भी है क्योंकि अधिकतर बड़े एक्सचेंजों ने अपने कुल ट्रेड वॉल्यूम और ट्रेड की क़ीमतों में 100%  से लेकर 400% तक का इज़ाफ़ा दर्ज किया है, जिसका साफ़ सा मतलब है कि देश में उनका उपयोगकर्ता आधार तेज़ी से बढ़ रहा है।

लेकिन ठीक इसी समय सरकार भी क्रिप्टो ईकोसिस्टम को रेग्युलेट करने के लिए नियमों और प्रवधनाओं का ड्राफ़्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बताई जा रही है, और इसलिए फ़िलहाल क्रिप्टो एक्सचेंज ना ही ख़ुद पर और ना क्रिप्टो के भविष्य पर कोई दाग लगने देना चाहते हैं, ताकि सरकार को मजबूरन कुछ कठोर नियमों के साथ सामने न आना पड़े।