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Amazon India To Provide 20000 Digital Devices to Students: दिग्गज़ ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने अब एक बेहद दिलचस्प और सुखद ऐलान किया है कि कंपनी भारत में जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में सहूलियत की दिशा में सहयोग करने के मक़सद से सीधे तौर पर 20,000 डिजिटल डिवाइस प्रदान करेगा।

जी हाँ! असल में कंपनी ने अपनी ‘डिलीवरिंग स्माइल्स’ (Delivering Smiles) पहल के तहत 150 से अधिक बड़े और छोटे गैर-लाभकारी संगठनों (NGOs) के साथ साझेदारी करते हुए पूरे भारत में क़रीब 1 लाख ज़रूरतमंद छात्रों की मदद करने का मन बनाया है।

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अमेज़ॅन इंडिया (Amazon India) की ओर से इस नई पहल को लेकर दिए एक बयान में कहा गया;

“Amazon भारत में 150 से अधिक छोटे व बड़े गैर-लाभकारी संगठनों के साथ साझेदारी करते हुए सीधे जरूरतमंद छात्रों को 20,000 डिजिटल डिवाइस प्रदान करेगा, जो असल में देश भर के क़रीब 1,00,000 से अधिक छात्रों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।”

Delivering Smiles: आप भी कर सकते हैं मदद

ये भी जानकारी दी गई है कि इन 150 संगठनों में से क़रीब 100 गैर-लाभकारी भागीदारों (NGOs) का चयन आंतरिक कमरचारियों के नामांकन के आधार पर किया जाएगा।

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ग़ौर करने वाली बात ये है कि इस पहल के तहत ग्राहक भी चाहें तो Amazon India की इस पहल में अपना योगदान दे सकते हैं। इसके लिए ग्राहक कंपनी को या तो पैसे या फिर अपना पुराना मोबाइल फ़ोन प्रदान कर सकते हैं, जिसको कंपनी फिर से नवीनीकृत करके लगभग एक लाख जरूरतमंद छात्रों के बीच बाँटने का काम करेगी।

Amazon India to provide 20000 digital devices to underprivileged students

इसको लेकर अमेज़ॅन इंडिया (Amazon India) के उपाध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने शिक्षा सहित तमाम आवश्यक सेवाओं तक पहुंच हासिल करने के लिए डिजिटल तंत्र को महत्वपूर्ण बना दिया है।

उन्होंने कहा कि देश भर में ऐसी तमाम प्रतिभाएं और जुनून से भरे युवा छात्र-छात्राएँ हैं जो अपने सपनों को साकार करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन अक्सर अवसर की कमियों के चलते वो ऐसा नहीं कर पाते।

हाल ही में भी देखा गया है कि महामारी के चलते शिक्षा से लेकर तमाम छात्र सम्बंधित सुविधाएँ अब डिजिटल रूप से मुहैया करवाई जा रहीं हैं, लेकिन कई छात्र-छात्राएँ ऐसे हैं जो महँगे डिवाइस जैसे फ़ोन या लैपटॉप आदि का खर्च वहन नहीं कर सकते, इसलिए बेशक कंपनी की इस पहल को ज़रूर सराहा जाना चाहिए और संभव हो तो हम सभी को भी इसमें अपना योगदान भी देना चाहिए।