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Swiggy Bazaar: फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म Swiggy अब सोशल कॉमर्स जगत में भी उतरने का मन बना रहा है, क्योंकि सामने आई ख़बरों के मुताबिक़ कंपनी Swiggy Bazaar नामक अपने नए सोशल कॉमर्स वर्टिकल को लॉन्च करने का मन बना रही है।

असल में LinkedIn और GetWork पर कंपनी द्वार की गई ‘जॉब पोस्ट‘ के मुताबिक़ ये यूनिकॉर्न फ़ूड डिलीवरी स्टार्टअप एक नए वर्टिकल का निर्माण कर रहा है, जिसके तहत कंपनी “सामुदायिक समूह की खरीद” पर ध्यान केंद्रित करेगी और किराना के सामान, ताज़ा सप्लाई वाले सामानों आदि संबंधित सुविधाओं के साथ ही साथ भविष्य में और अधिक कैटेगॉरी में सेवाएँ प्रदान करती नज़र आएगी।

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आपको याद दिला दें कि भारतीय बाजर में Zomato के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करने वाली Swiggy ने लॉकडाउन के दौरान Swiggy Genie नामक एक अनोखी सुविधा की शुरुआत की थी।

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सामने आई जॉब पोस्टिंग में दी गई जानकारी में लिखा हुआ है कि;

“Swiggy Bazaar देश के ट्रिलियन डॉलर क़ीमत वाले किराना बाजार में प्रवेश को लेकर हमारा नया प्रयास है, जो एक “सामुदायिक समूह खरीद (Community Group Buying) प्लेटफ़ॉर्म होगा।”

“पिछले एक साल में लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं ने बेहतर खाद्य पदार्थों तक पहुंचने का एक नया तरीक़ा अपनाया है, जो बहुतों को बेहद पसंद आ रहा है।”

कंपनी के मुताबिक़ एक सोशल कॉमर्स बिज़नेस होने के नाते Swiggy Bazaar कुछ ख़ास समुदाय-आधारित मार्केटिंग रणनीतियों के साथ प्रयोग करेगा।

दिलचस्प ये है कि Swiggy ऐसे समय में ग्रॉसरी आधारित ग्रुप-बायिंग कैटेगरी में एंट्री करने की कोशिश कर रहा है, जब पहले से ही इस क्षेत्र में कुछ भारी निवेश हासिल कर चुके प्लेयर्स इस जगत में अधिक से अधिक हिस्सेदारी अपने नाम करने की कोशिश में हैं।

इनमें सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म DealShare प्रमुख है जो कम्युनिटी ग्रुप बायिंग मॉडल का इस्तेमाल करता हिया और साथ ही Meesho ने भी इस साल की शुरुआत में ऐसा ही एक मॉडल अपनाया है।

वैसे Swiggy Bazaar से जुड़ी इस खबर का ख़ुलासा सबसे पहले Entracker की एक हालिया रिपोर्ट में किया गया। इस बात में कोई शक नहीं है कि सोशल कॉमर्स जैसी चीज़ भारत के लिए अभी भी उतनी चलन में नहीं कही जा सकती है।

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लेकिन जैसा हमनें बताया इस क्षेत्र में DealShare, Meesho आदि जैसे नामों ने एक व्यापाक संभावनाओं की तलाश पहले से ही शुरू कर रखी है, और निवेशक भी लगातार इन कंपनियों पर भरोसा जताते नज़र आ रहें हैं।

आइए आपको बताते हैं कि कम्युनिटी ग्रुप बायिंग मॉडल का मतलब क्या होता है? असल में एक कम्युनिटी ग्रुप बायिंग मॉडल के तहत एक एक “स्थानीय इन्फ़्लूएंसर” या कम्यूनिटी लीडर प्लेटफ़ॉर्म के साथ काम करता है और उसको सामान्यतः हर ऑर्डर पर कमीशन मिलता है।

होता ये है कि स्थानीय इन्फ़्लूएंसर” या कम्यूनिटी में लोकप्रिय लोग जब अपने नेट्वर्क में ऐसी सेवाओं का प्रचार करते हैं तो उनसे जुड़े लोग उन पर भरोसा करते हुए कंपनियों की सेवाओं को आज़माते हैं और इससे अधिक से अधिक ग्राहक प्लेटफ़ॉर्म की ओर आकर्षित होते हैं।

वहीं “स्थानीय इन्फ़्लूएंसर” या कम्यूनिटी लीडर अपने इलाके में ऑर्डर प्लेस करने से लेकर उसके डिलीवरी तक की ज़िम्मेदारी निभाता है।