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YouTube blocks all anti-vaccine videos: कोविड वैक्सीन को लेकर दुनिया भर में फैलाई जा रही अफ़वाहों को रोकने की दिशा में अब YouTube और भी कड़ा रूख अपनाने जा रहा है। असल में 30 सितंबर को YouTube की ओर से एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि प्लेटफ़ॉर्म पर सभी तरीक़े के वैक्सीन विरोधी कंटेंट को ब्लॉक कर देगा।

जी हाँ! इसके पहले कंपनी कोशिश कर रही थी कि अधिकृत कोविड कोविड वैक्सीन के बारे में गलत जानकारी फैलाने वाले कंटेंट पर ही प्रतिबंध लगाए जाए, लेकिन अब कंपनी ने हर तरीक़े के एंटी-वैक्सीन कंटेंट को प्लेटफ़ॉर्म मीन जगह न देने का ऐलान कर दिया है।

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आप सोच रहें होंगें इसका मतलब क्या है? आसान भाषा में समझने की कोशिश करें तो YouTube पर आ “वैक्सीन के चलते फ़्लू होने से बांझपन होता है” और या “वैक्सीन खसरा, ऑटिज़्म का कारण बन सकती है” जैसे पोस्ट भी प्रतिबंधित कर दिए जाएँगें।

पर अभी भी आप YouTube पर “वैक्सीन नीतियों, नए वैक्सीन परीक्षणों और ऐतिहासिक वैक्सीन सफलताओं या विफलताओं” से जुड़े वीडियो देख सकेंगें। ऐसा करते हुए कंपनी शायद खुद को एक खुले मंच के रूप में बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को संतुलित रूप से दर्शाना चाहती है।

YouTube blocks all anti-vaccine videos

Alphabet के मालिकाना हक़ वाली कंपनी की ओर से कहा गया कि ऑनलाइन वीडियो के साथ ही साथ कंपनी वैक्सीन विरोधी एक्टिविस्ट जैसे रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर और जोसेफ मर्कोला सहित अन्य के YouTube चैनलों पर भी प्रतिबंध लगा रही है।

वैसे इन एक्टिविस्ट ने इस क़दम को लेकर ज़ाहिर रूप से नाराज़गी जताई है और उनका कहना है कि कंपनी की ये नई नीति का सीधा मक़सद उन्हें सेंसर करने का है।

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YouTube के ग्लोबल ट्रस्ट एंड सेफ्टी के उपाध्यक्ष, Matt Halprin के मुताबिक़ अब तक YouTube ने कोरोनोवायरस से जुड़ी अफ़वाहों व गलत सूचना प्रसारित करने वाले 133,000 से अधिक वीडियो हटाए हैं।

दिलचस्प बात ये है कि YouTube का ये कदम ऐसे वक़्त में आया है जब Facebook और Twitter जैसे तमाम टेक दिग्गजों की कड़ी आलोचना की जा रही है कि उन्होंने अपनी साइटों पर झूठी स्वास्थ्य जानकारियों आदि के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठाए।

लेकिन भले ही YouTube अब ये सख्त रुख अपना रहा है, लेकिन अब इसको लेकर भी उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है।

असल में मंगलवार को, रूसी राज्य समर्थित ब्रॉडकास्टर RT के जर्मन भाषा के चैनल को YouTube ने हटा दिया। इसके पीछे कंपनी का तर्क था कि चैनल उनकी कोविड-19 गलत सूचना संबंधित नीति का उल्लंघन कर रहा था।

पर अब रूस ने बुधवार को इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए YouTube को देश के भीतर पूरी तरह से ब्लॉक करने तक की धमकी दी।