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Twitter vs Indian Govt? भारत सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर (Twitter) ने नए आईटी नियम, 2021 (New IT Rules, 2021) का अनुपालन शुरू कर दिया है।

ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बताया कि कंपनी की ओर से चीफ़ कम्प्लाइयंस ऑफ़िसर, रेजिडेंट ग्रीविएंस ऑफिसर और नोडल कॉन्टैक्ट पर्सनल तीनों अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए, अब कानून का अनुपालन शुरू कर दिया है।

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असल में नए आईटी नियमों के तहत 50 लाख से अधिक यूज़र्स वाली सोशल मीडिया कंपनियों को देश में ऊपर बताए गए तीनों पदों पर अनिवार्य रूप से नियुक्तियां करनी होगी।

चेतन शर्मा ने पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट में ट्विटर द्वारा दायर एक हलफनामे का जवाब दिया। यह वही हलफ़नाना था जिसमें कंपनी की ओर से कहा गया था कि उसने तीनों पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली हैं।

Twitter vs Indian Govt: क्या है अब तक का पूरा मामला? 

Twitter ने 7 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल-न्यायाधीश पीठ को बताया था कि कंपनी ने विनय प्रकाश (Vinay Prakash) को कंपनी के चीफ़ कम्प्लाइयंस ऑफ़िसर और रेजिडेंट ग्रीविएंस ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है, वहीं शाहीन कोमाथ (Shahin Komath) को नोडल कॉन्टैक्ट पर्सनल के रूप में नियुक्त किया गया है।

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कंपनी के अनुसार उसने जुलाई महीने में थर्ड पार्टी हायरिंग के रूप में ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने रेजिडेंट ग्रीविएंस ऑफिसर के तौर पर विनय प्रकाश को हायर किया था लेकि 4 अगस्त से विनय कंपनी के फुल टाइम कर्मचारी बना दिए गए हैं।

इसमें कहा गया है कि प्रकाश को सार्वजनिक नीति निदेशक के पद के लिए नियुक्त किया गया था और वह सीधे ट्विटर इंक में कानूनी के उपाध्यक्ष जिम बेकर को रिपोर्ट करेंगे।

इस बीच आज अदालत ने आईटी नियमों का पूरी तरह से अनुपालन करने वाले शर्मा के बयान को कोर्ट में दर्ज किया है और सरकार व याचिकाकर्ता को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

बता दें Twitter Inc. के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक वकील अमित आचार्य द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई चल रही थी, जिसमें अमित ने आरोप लगाया था कि कंपनी नए आईटी नियमों का अनुपालन नहीं कर रही है।