future-retail-files-new-case-against-amazon-in-supreme-court

Supreme Court on Amazon & Flipkart Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ई-कॉमर्स दिग्गज़ अमेज़ॅन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) को एक वादा झटका दिया। देश की सर्वोच्च अदालत ने आज इन दोनों कंपनियों के द्वारा दायर की गई एक याचिका को खारिज कर दिया।

इस याचिका में Amazon और Flipkart दोनों ने ही भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा दोनों कंपनियों के ख़िलाफ़ दिए गए जाँच के आदेश को रोकने की माँग की थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि दोनों ई-कॉमर्स दिग्गजों को अब देश में एंटीट्रस्ट इन्वेस्टिगेशन (Antitrust Investigation) का सामना करना ही पड़ेगा।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना के नेतृत्व वाली पीठ ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा;

“बड़े ई-कॉमर्स संगठनों के रूप में उदाहरण पेश करते हुए इन कंपनियों को एंटीट्रस्ट जांच (Antitrust Probe) के लिए स्वेच्छा से सहमति जतानी चाहिए, लेकिन ये कंपनियाँ इसकी बजाए जाँच से आपत्ति ज़रा रही हैं।”

याद दिला दें इसके पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी कथित रूप से प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं के आरोप में CCI जांच को चुनौती देने वाली इन कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद ही अमेज़ॅन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसको आज शीर्ष अदालत ने भी खारिज कर दिया।

Supreme Court: CCI ने क्यों दिए हैं Amazon और Flipkart पर जाँच के आदेश?

असल में पिछले साल यानि 2020 में ही देश भर के छोटे रिटेल विक्रेताओं द्वारा दिग्गज़ ई-कॉमर्स कम्पनियों (ख़ासकर Amazon) के ख़िलाफ़ देश के प्रतिस्पर्धा कानूनों के प्रावधानों का पालन न करते हुए अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा विक्रेताओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

court-verdict

इसके बाद ही प्रारम्भिक रूप से मामलें को समझने व विषयों को देखते हुए, CCI ने Amazon और Flipkart के ख़िलाफ़ एंटीट्रस्ट जाँच के आदेश दिए थे।

लेकिन जहाँ एक तरफ़ ये दोनों कंपनियाँ लगातार सार्वजनिक रूप से ये दावा कर रही हैं कि उन्होंने देश के किसी भी तरह का क़ानून नहीं तोड़ा है और कोई भी गलत प्रथाओं को बढ़ावा नहीं दिया है, वहीं दूसरी ओर ये दोनों कंपनियाँ लगातार जाँच के आदेश को विभिन्न अदालतों में चुनौती देती नज़र आई हैं।

पर अब देश की शीर्ष अदालत से भी अपने हक में फ़ैसला ना मिलने के बाद अब CCI की जांच अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है।

कंपनियों को इस मामले में कई आरोपों का सामना करना पड़ सकता है जैसे कई मोबाइल फोनों की विशेष लॉन्चिंग, चुनिंदा विक्रेताओं को अपने-अपने प्लेटफ़ॉर्म पर प्रचारित करना और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा को ख़त्म करते हुए भारी छूट प्रदान करना आदि।

याद डिले दें पिछले महीने देश के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ई-कॉमर्स दिग्गजों को कानूनी चुनौती दाखिल करने और CCI की जांच में सहयोग न देने को लेकर फटकार लगाई थी।

इस बीच अमेज़ॅन को एक और CCI जाँच का सामना करना करना पड़ रहा है, जिसमें CCI ने कंपनी पर 2019 में एक भारतीय कंपनी के साथ किए गए सौदे को लेकर मंज़ूरी प्राप्त करने के मक़सद से, तथ्यों को छिपाने और गलत सबमिशन करने का आरोप लगाया है।