oppo-under-display-camera-phone
Credits: OPPO | A prototype phone with OPPO under-display camera tech.

OPPO under-display camera phone: शायद आपको याद होगा कि पिछले साल सितंबर में ZTE ने दुनिया का पहला अंडर-डिस्प्ले कैमरा वाला फोन लॉन्च किया था।

बेशक ये एक शानदार तकनीक का प्रदर्शन था, लेकिन इसके बाद भी इसको लेकर कई ख़ामियाँ भी सामने आई, जैसे ख़राब ईमेज क्वॉलिटी और अंडर-स्क्रीन कैमरे के ठीक ऊपर वाले स्क्रीन की डिस्प्ले क्वॉलिटी में गिरावट आदि।

ऐसी तमाम ख़बरें सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें हमारे टेलीग्राम चैनल से!: (टेलीग्राम चैनल लिंक)

लेकिन कहते हैं ना कि कोई भी नई तकनीक में वक़्त के साथ सुधार होता है। और अब कुछ समय बाद एक और दिग्गज़ स्मार्टफ़ोन ब्रांड OPPO (ओप्पो) भी इस तकनीक के साथ बाज़ार में उतरने का मन बना रही है, वो भी तमाम शिकायतों को दूर करते हुए।

OPPO ‘next-generation’ under-display selfie camera phone

असल में OPPO ने अब अपना नेक्स्ट-जेनरेशन फ़ोन ‘अंडर-स्क्रीन कैमरा (Under Screen Camera) तकनीक के साथ पेश करने की योजना ज़ाहिर की है।

माना के जा रहा है कि इस अगली पीढ़ी की अंडर-स्क्रीन कैमरा तकनीक में व्याप्त शिकायतों व चुनौतियों को हल करने के लिए OPPO ने स्ट्रक्चर डिजाइन में बदलाव के साथ ही उन्नत एआई एल्गोरिदम का भी इस्तेमाल किया है।

oppo-under-screen-camera-technology
OPPO under-screen camera technology | Source: OPPO

कंपनी की “इनोवेटिव पिक्सेल ज्योमेट्री” के ज़रिए पिक्सेल (Pixel) की संख्या को कम किए बिना प्रत्येक पिक्सेल के आकार को छोटा किया जा सकता है। मतलब ये कि अंडर-स्क्रीन कैमरा के ऊपर डिस्प्ले क्षेत्र में भी 400 PPI पिक्सेल डेन्सिटी सुनिश्चित करेगा।

इसके साथ ही OPPO (ओप्पो) इस अगली पीढ़ी के फ़ोन के लिए एक पारदर्शी स्क्रीन वायरिंग मटेरियल का भी इस्तेमाल कर रहा है, जो कथित रूप से पारंपरिक वायरिंग की तुलना में 50% पतला है और शानदार एंड्रॉइड फोन के डिस्प्ले की तर्ज़ पर ही अनुभव प्रदान करता है।

बात अगर ब्राइटनेस आदि की करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर बेहतर अनुभव देने के लिए नए अंडर-डिस्प्ले कैमरा प्रोटोटाइप में एक Proprietary Screen तकनीक का उपयोग किया है।

oppo-phone-without-selfie-camera
Credits: OPPO | A prototype phone with OPPO under-display camera tech.

मौजूदा तरीक़ों – जिसमें फ़ोन पर दो पिक्सेल को चलाने के लिए एक पिक्सेल सर्किट का उपयोग किया जाता है,  करते हैं – के विपरीत जाते हुए OPPO ने इसमें हर एक पिक्सेल सर्किट का इस्तेमाल सिर्फ़ एक पिक्सेल को चलाने के लिए किया है।

इसके साथ ही OPPO का दावा है कि इसका “1-टू-1” पिक्सेल सर्किट और ऑप्टिमाइज़ेशन एल्गोरिदम फ़ोन के डिस्प्ले लाइफ़स्पैन (जीवनकाल) को 50% तक बढ़ा देगा।

जैसा हमनें पहले ही बताया था कि कैमरे के ज़रिए ली गई ईमेज क्वॉलिटी को सुधारने के लिए OPPO के अमेरिकी अनुसंधान संस्थानों ने नए एआई एल्गोरिदम का निर्माण किया है, जो ईमेज की चमक और धुंधलेपन को “कम” करते हैं।

OPPO की मानें तो इस नए AI तकनीक मॉडल को हजारों ईमेजों पर इस्तेमाल करके प्रशिक्षित किया गया है ताकि इस नए फ़ोन पर यूज़र्स बेहतरीन और नैचुरल सेल्फ़ी ले सकें।

लेकिन ये कह पाना अभी भी मुश्किल है कि इन तमाम सुधारों के बाद भी OPPO की नई अंडर-स्क्रीन कैमरा तकनीक अभी बाज़ार में पूरी तरह से पेश होने के लिए तैयार है या नहीं? लेकिन जैसे ही इसको लेकर कोई भी नई अपडेट सामने आती है तो हम आप तक उसको सबसे पहले पहुँचानें का प्रयास करेंगे।