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Twitter Algorithmic Bias Bounty Program: बीते कुछ समय से तमाम देशों में पक्षपात आदि संबंधित तमाम विवादों से जुड़े नज़र आने वाले दिग्गज़ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर (Twitter) ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया है।

कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के एल्गोरिदम में किसी भी तरह के पक्षपात का पता लगाने वाले को ईनाम देने का ऐलान किया है।

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सैन फ्रांसिस्को आधारित इस कंपनी द्वारा प्लेटफॉर्म पर एल्गोरिदम में किसी भी तरीक़े की पक्षपात को जड़ से खत्म करने में मदद करने के लिए यूज़र्स और रिसर्चर्स को नकद ‘ईनाम’ की पेशकश, असल में उन्हें इस दिशा में उत्साहित करने का एक प्रयास है।

Twitter Bounty To Find Algorithmic Bias

Twitter का दावा है कि यह इंडस्ट्री में पहली बार एल्गोरिदम में पक्षपात सम्बंधित ऐसा बाउंटी प्रोग्राम (Algorithmic Bias Bounty Program) पेश किया जा रहा है, जिसमें लोगों को $3,500 तक का ईनाम जीतने का मौक़ा मिलेगा।

हालाँकि इतना ज़रूर है कि त्विट्टेर के अधिकारियों रुम्मन चौधरी और जुट्टा विलियम्स की मानें तो ये असल में कई अन्य वेबसाइटों व प्लेटफ़ॉर्म पर चलने वाले बग बाउंटी (Bug Bounty) प्रोग्राम की हाई तरह है, जिसमें लोगों को सुरक्षा व अन्य विषयों संबंधित ख़ामियों का पता लगाने के लिए ईनाम के ज़रिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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इस बीच Twitter के इन अधिकारियों ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा;

“मशीन लर्निंग मॉडल में किसी भी तरह के पक्षपात को खोजना एक मुश्किल काम है, और कभी-कभी कंपनियों को अनपेक्षित रूप से इससे होने वाले नुकसान के बारे में तब पता चलता है, जब इससे यूज़र्स प्रभावित होने लगते हैं, पर अब हम इस प्रथा को बदलना चाहते हैं।”

कंपनी के मुताबिक़ वह इस बात से काफ़ी प्रभावित हैं कि कैसे रिसर्चर्स और हैकर कम्यूनिटी सुरक्षा क्षेत्र को जनता की प्राइवेसी व अन्य विषयों से जुड़ी ख़ामियों को लेकर कंपनियों को सचेत करते रहतें हैं। 

और यही कारण है कि अब Twitter अपने ऊपर विभिन्न देशों में अलग-अलग समूहों द्वारा लगाए जाने वाले पक्षपात के आरोपो को लेकर सिर्फ़ अपनी सफ़ाई ही पेश नहीं करना चाहता है, बल्कि यह भी संदेश देना चाहता है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए इसको लेकर सार्थक क़दम उठा रहा है। 

ट्विटर ख़ुद भी ऑटोमेटिक एल्गोरिदम सिस्टम के कुछ पहलुओं को लेकर चिंताओं को ज़ाहिर कर चुका है, जो कंपनी द्वारा नूट्रल (तटस्थ) रहने के प्रयासों के बाद भी अक्सर नस्लीय या अन्य प्रकार के पक्षपात को लेकर कंपनी की छवि को धूमिल करते हैं।