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Zomato Invests in Grofers: हम सब जानते हैं कि फ़ूड डिलीवरी दिग्गज़ जोमैटो (Zomato) और ग्रोफर्स (Grofers) में पिछले साल 2020 में ही संभावित मर्जर (Merger) की बातें शुरू हुईं थीं, लेकिन तब अचानक बदली परिस्थितियों के बीच बात नहीं बन सकी। लेकिन अब ये खबर आई है कि Zomato ने आख़िरकार Grofers में $120 मिलियन (क़रीब 890 करोड़ रुपए) का निवेश करते हुए अपने पुराने सपनें को आंशिक रूप से ही सही, लेकिन सच कर दिया है।

दिलचस्प ये है कि Zomato की ओर से गुरुग्राम आधारित Grofers में किया गया निवेश, कंपनी की वैल्यूएशन को $1 बिलियन आँकते हुए किया है।

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Moneycontrol की एक रिपोर्ट की मानें तो Zomato की इस फ़ंडिंग के बाद अब ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफ़ॉर्म Grofers यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्लब ($1 बिलियन से अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप्स) में शामिल हो गया है।

ग्रोफर्स (Grofers) के अनुसार कंपनी का फ़िलहाल पूरा ध्यान ग्राहकों को बेहतरीन सेवाओं की पेशकश करते हुए अपनी तकनीक के और विकास पर है। कंपनी चाहती है कि देश के किराना ईकोसिस्टम में लाखों भारतीय परिवारों के लिए प्रोडक्ट्स को अधिक किफायती और सुलभ बनाते हुए, उन्हें सशक्त बनाया जाए।

Zomato Invests in Grofers: क्या सही है वक़्त?

वहीं Zomato ने इस मामले में कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ग़ौर करने वाली बात ये है कि Zomato से Grofers ने ये फ़ंडिंग ऐसे वक़्त में हासिल की है जब कुछ ही दिनों पहले Grofers के सह-संस्थापक सौरभ कुमार ने अलबिंदर ढींडसा (सह-संस्थापक) के साथ शुरू की गई क़रीब 8 साल पुरानी इस कंपनी का साथ छोड़ने का फ़ैसला किया है।

लेकिन इतना साफ़ कर दें कि सौरभ कुमार भले अब ग्रोफर्स में संचालन की कोई जिम्मेदारी उठाते ना नज़र आएँ, लेकिन वह बतौर बोर्ड के सदस्य बने रहेंगे।

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Credits: Grofers Blog

वहीं इस वर्तमान फ़ंडिंग राउंड में Grofers द्वारा SoftBank से भी निवेश हासिल कर सकने की अटकलें लगाई जा रहीं हैं। इतना ही नहीं बल्कि ये भी माना जा रहा है कि कंपनी अमेरिका के Nasdaq स्टॉक एक्सचेंज में इन-लिस्ट होने के लिए स्पेशल पर्पज़ ऐक्वज़िशन कम्पनी (SPAC) तरीक़े का इस्तेमाल कर सकती है।

वहीं Zomato का IPO प्लान भी अब किसी से छिपा नहीं है और कंपनी पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी के लिए अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस भी जारी कर चुकी है।

Zomato ने पिछले साल लॉकडाउन शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए ग्रोसरी सेगमेंट में भी प्रवेश किया था, लेकिन ये प्रयोग कंपनी के लिए टिकाऊ साबित नहीं हुआ। लेकिन इसके प्रतिद्वंदी Swiggy ने ग्रॉसरी क्षेत्र में इंस्टामार्ट (Instamart) नामक सेवा को फ़िलहाल गुरुग्राम और बेंगलुरु जारी रखा है।

बता दें हाल में ही सामने आई RedSeer की Online Grocery: What Brands Need To Know नामक रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑनलाइन किराना (ग्रोसरी) बाजार, साल 2020 के अंत तक $3 बिलियन GMV (सकल व्यापारिक मूल्य) तक पहुँच गया, जो 2019 तक $1.9 बिलियन GMV था।

ज़ाहिर है बीते कुछ समय से लॉकडाउन आदि के चलते ऑनलाइन ग्रोसरी स्टार्टअप्स में माँगों में तेज़ी से इज़ाफ़ा दर्ज किया है, वो भी इस माँग में न सिर्फ़ मेट्रो शहरों बल्कि टियर-II व अन्य शहरों की भी प्रभावी हिस्सेदारी है।