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Santhosh SS (Founder and CEO of Dhiyo.ai)

‘नौकरी की तलाश’ एक ऐसा विषय है जिसका सामना लगभग सभी को करना पड़ता है। लेकिन बीते कुछ समय से महामारी के चलते देश भर में बनी नई परिस्थितियों को देखते हुए ऑनलाइन जॉब सर्च (Online Job Search) एक बेहद आम हो गया है। दिलचस्प ये है कि ‘व्हाइट-कॉलर जॉब्स’ के साथ ही साथ ‘ब्लू-कॉलर जॉब्स’ को लेकर भी ऑनलाइन सर्च में इज़ाफ़ा हुआ है। और ज़ाहिर है ऐसे में इंटरनेट तमाम तरह के जॉब सर्चिंग प्लेटफॉर्म से भरा हुआ है, लेकिन जब बात ब्लू कॉलर जॉब सेगमेंट (जैसे डिलीवरी पार्टनर्स, ईलेक्ट्रिशियन, होटल कर्मचारी आदि) की हो, तब लोग कुछ चुनिंदा प्लेटफ़ॉर्म पर भी भरोसा जताते आते हैं, जिनमें से एक नाम है – Dhiyo

आर्टिफ़िशल इंटेलिजेन्स (AI Tech) आधारित Dhiyo.ai नौकरी की तलाश करनें वालों की तमाम सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए अपनी सेवाएँ प्रदान करता है। वैसे मोटे तौर पर कहा जाए तो कंपनी द्वारा एआई तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल की वजह से, लोग इस प्लेटफ़ॉर्म पर सिर्फ़ बोलकर भी नौकरी पा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे?

क़रीब 3 साल पुराना ये स्टार्टअप बेंगलुरु और अन्य शहरों में लॉन्च होने के कुछ ही समय के भीतर 50,000 से अधिक उपयोगकर्ता आधार हासिल करने के बाद अब अपने विस्तार के मौक़े तलाशता हुआ, फ़िलहाल 15 से अधिक भारतीय शहरों में क़दम रखने को तैयार है।

Dhiyo.ai के संस्थापक और सीईओ, संतोष एस.एस. (Santhosh SS) ने The Tech Portal से बातचीत के दौरान इस बात की जानकारी दी और महामारी के बीच इस नए क़दम को लेकर बेहद उत्साह व्यक्त किया। संतोष के अनुसार;

“कोविड-19 के चलते हमनें कंपनी के विस्तार की योजना को और तेज कर दिया है, क्योंकि देश भर में डिलीवरी पार्टनर्स से लेकर वेयरहाउस कर्मियों, ड्राइवरों, पिकर एंड पैकर्स, कस्टमर सर्विस आदि प्रोफ़ाईलों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। और हमें ख़ुशी है कि हम देश भर में 30 से अधिक कंपनियों के साथ साझेदरी करके नौकरी प्रदाताओं और नौकरियों की तलाश करने वालों के बीच के अंतर को सफ़ल तरीक़े से भरने का काम कर रहें हैं।”

मौजूदा हालतों में कई लोगों ने अपनी नौकरियाँ गँवाई हैं और ऐसे में Dhiyo द्वारा ये कोशिश की जा रही है कि नौकरी की तलाश करने वाले इच्छुक लोगों और नौकरी देने वाली कंपनियों के बीच फिर से विश्वास पैदा किया जाए। और यक़ीनन इस काम में Dhiyo का एआई आधारित प्लेटफ़ॉर्म अपने बेहद आसान और तेज सेवाओं के साथ अहम रोल अदा कर रहा है।

ग़ौर करने वाली बात ये है कि कर्नाटक सरकार के स्टार्ट-अप प्रोग्राम “Elevate 2020” का विजेता और NASSCOM के प्रतिष्ठित Deep Tech Club and COE – Data Sciences & AI का सदस्य, Dhiyo अपने निवेशकों की सूची में 100X.VC जैसे बड़े नाम शुमार किए हुए है, जिसका नेतृत्व जाने-माने एंजेल निवेशक संजय मेहता कर रहें हैं।

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मुख्य बात ये है कि स्थानीय भाषाओं पर आधारित Dhiyo प्लेटफॉर्म सिर्फ़ क्षेत्रीय और छोटे व मध्यम व्यवसायों (SMBs) के लिए ही नहीं बल्कि Swiggy, Teamlease, Shadowfax, Zomato जैसे दिग्गज़ नामों के लिए भी अपनी तत्काल नौकरी की आवश्यकताओं को पूरा करने का पसंदीदा विकल्प बन गया है।

वर्तमान में कंपनी की कोर टीम में संतोष के अलावा समित भारद्वाज, सुजाई सुब्बाना, कुशल एस.टी. और मोहित सचान शामिल हैं, जो लगातार कंपनी के हर लक्ष्य को वास्तविक रूप देने में लगे हुए हैं।

क्या है जो Dhiyo को बनाता है भारत का एक ख़ास Job Search प्लेटफ़ॉर्म?

Dhiyo भारत में यूज़र्स को वॉयस वर्नाक्यूलर तकनीक के ज़रिए क़रीब 7 स्थानीय भाषाओं में प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, और शायद यही वजह है ये अब तक नौकरी तलाश रहे क़रीब 10 लाख लोगों के लिए मददगार साबित हो चुका है।

इस स्टार्टअप के दावे के अनुसार वह भारत के एचआर टेक क्षेत्र में एकलौती ऐसी कंपनी है, जो जॉब सर्च करने के लिए प्लेटफ़ॉर्म पर आए लोगों को भारतीय स्थानीय भाषाओं में रजिस्ट्रेशन से लेकर जॉब के लिए अप्लाई करने तक की सुविधा देती है।

हो सकता है आप सोच रहें हों कि ये ‘वॉयस वर्नाक्यूलर’ का मतलब क्या है? तो आसान भाषा में कुछ ऐसे समझिए कि आप Dhiyo App पर अपनी भाषा में बोलकर ऐप नेविगेशन, जॉब सर्च और जॉब के लिए अप्लाई करने के साथ ही अपना रिज्यूमे (Resume) भी बना सकते हैं।

इतना ही नहीं बल्कि Dhiyo के पार्टनर प्रोग्राम के तहत कोई व्यक्ति, गैर सरकारी संगठन (NGOs) आदि भी अपनी कम्यूनिटी में नौकरी तलाश रहे लोगों को रेफर करते हुए उन्हें Dhiyo प्लेटफॉर्म पर ऑन-बोर्ड कर सकता है।

कंपनी की मानें तो अब तक के आँकड़ो के अनुसार, प्लेटफ़ॉर्म पर जॉब सर्च करने के मक़सद से रजिस्टर करने वाले हर 3 में से 1 यूज़र को सिर्फ़ 72 घंटों के अंदर ही इंटरव्यू देने का मौक़ा मिला है।

इस कोविड काल में कंपनी की विस्तार योजना को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि मौजूदा हालातों में ऑनलाइन डिलीवरी के बढ़ते चलन के चलते लॉजिस्टिक कंपनियों के बीच तेज़ी से कर्मचारियों की माँग बढ़ी है, जिसको सटीक तरीक़े से पूरा करने में Dhiyo ने काफ़ी सफ़लता पाई है।

शायद इन्हीं तमाम वजहों से करीब 2.6 लाख यूज़र्स आज अपने नेटवर्क में Dhiyo App को रेफ़र करते नज़र आते हैं। गूगल के अनुसार भी आने वाले दशकों में भारत में स्थानीय भाषाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या, अंग्रेज़ी भाषा के इंटरनेट यूज़र्स से कहीं अधिक होगी।

Dhiyo देश में भाषाई व तकनीकी विशेषता के साथ 2022 तक क़रीब 2-2.5 करोड़ यूज़र्स को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।