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Jobs Created By Startups In India: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने 3 जून को एक दिलचस्प आँकड़ा पेश करते हुए बताया कि अब तक भारत सरकार ने क़रीब 50,000 स्टार्टअप्स को मान्यता दे चुकी है।

जी हाँ! DPIIT के आधिकारिक बयान के अनुसार 3 जून, 2021 तक अब भारत में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की कुल संख्या 50,000 तक पहुँच गई है, जो देश के 623 ज़िलों से आते हैं। आपको बता दें 1 अप्रैल, 2020 तक ये आँकड़ा 19,896 था।

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Startups Generate Jobs in India

इसके साथ ही दिलचस्प ये भी है कि इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ने देश में रोजगार के तमाम अवसर पैदा किए हैं। पेश किए गए आँकड़ो के अनुसार प्रति स्टार्टअप औसतन 11 कर्मचारियों के लिहाज़ से 48,093 स्टार्टअप ने 5,49,842 नौकरियाँ देने का दावा किया है।

वहीं डीपीआईआईटी के अनुसार, अकेले 2020-2021 में ही कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ने क़रीब 1.7 लाख नौकरियां दी हैं।

क्या होता है DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का मतलब?

आप सोच रहें होंगें कि ये बार-बार ‘मान्यता प्राप्त स्टार्टअप’ शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है, इसका मतलब क्या है?

तो आपको बता दें DPIIT भारत सरकार की लोकप्रिय पहल, स्टार्टअप इंडिया (Startup India) के लिए एक नोडल विभाग के रूप में काम करता है। इसको जनवरी 2016 में शुरू किया गया था और ये देश में स्टार्टअप्स को मान्यता देने के साथ ही विभिन्न देशों के साथ फ़ंडिंग, द्विपक्षीय सरकारी सहयोग जैसे कई नीतिगत सुधारों को लेकर भी काम करता है।

इसके ज़रिए मान्यता प्राप्त करने वाले भारतीय स्टार्ट अप्स को सरकार कई तरह के कानूनी, विनियमों, वित्तीय और ढांचागत सपोर्ट प्रदान करती है।

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इस बीच DPIIT की प्रेस रिलीज़ में ये भी सामने आया है कि मान्यता प्राप्त करने वाले स्टार्टअप्स में जिन क्षेत्रों में सबसे अधिकतम स्टार्टअप्स रजिस्टर हुए हैं, उनमें ‘फ़ूड प्रॉसेसिंग’, ‘प्रोडक्ट डेवेलपमेंट’, ‘एप्लिकेशन डेवेलपमेंट’, ‘आईटी कॉन्सल्टेशन’ और ‘बिज़नेस सपोर्ट सर्विस’ कैसे क्षेत्रों का नाम शामिल है।

भारतीय स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी

और तो और इन सभी स्टार्टअप्स में से क़रीब 45% स्टार्टअप की नेतृत्व टीमों में कम से कम एक महिला उद्यमी भी शामिल हैं, जो साफ़ करता है कि स्टार्टअप क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी में इज़ाफ़ा हो रहा है।

आपको बता दें DPIIT इन स्टार्टअप्स को सहयोग के साथ ही साथ राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार, राज्य रैंकिंग फ्रेमवर्क, ग्लोबल वीसी शिखर सम्मेलन, Prarambh और स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट जैसे कई कार्यक्रमों के ज़रिए स्टार्टअप्स को उनके योगदान आदि के लिए सम्मानित करने और सामने लाने जैसे काम भी करता है।

वहीं अब सबसे अहम बात आर्थिक सहयोग की। तो आपको बता दें कि इस विभाग ने अपने प्रेस रिलीज़ के ज़रिए बताया है कि ₹10,000 करोड़ के ओवरले के साथ फंड ऑफ फंड्स स्कीम के माध्यम से स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के अवसरों को बढ़ाया गया है।

और हम जानते ही हैं कि कुछ महीनों पहले ₹945 करोड़ के स्टार्टअप इंडिया सीड फंड की भी योजना शुरू की गई है। इस सीड फंड के ज़रिए क़रीब 3,600 स्टार्टअप और 300 इन्क्यूबेटरों का मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।