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Google on New IT Rules in Delhi High Court: नए आईटी नियमों (New IT Rules) को लेकर अब एक-एक करके टेक दिग्गज़ कंपनियाँ खुलकर अपना मत रखती नज़र आ रही हैं। और इसके लिए कंपनियों ने अदालत का सहारा लेने शुरू कर दिया है। हुआ ये कि व्हाट्सऐप (WhatsApp) के बाद अब गूगल (Google) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में भारत के नए आईटी नियमों को लेकर याचिका दायर कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गूगल (Google) द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में दायर की गई इस याचिका में कंपनी ने कहा है कि गूगल मुख्य रूप से एक सर्च इंजन है, ना कि एक सोशल मीडिया कंपनी, इसलिए भारत सरकार ने नए आईटी नियम 2021 उस पर लागू ही नहीं होते हैं।

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दिल्ली हाई कोर्ट में हरीश साल्वे ने रखा गूगल का पक्ष

ग़ौर करने वाली बात ये है कि अदालत में गूगल की ओर से देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे मौजूद हुए। हरीश साल्वे ने दिल्ली हाई कोर्ट में कंपनी की ओर से साफ़ तौर पर कहा कि गूगल एक सर्च इंजन है, कोई सोशल मीडिया नहीं है, और इसलिए कंपनी नए आईटी नियमों 2021 (IT Rules 2021) के दायरे से बाहर है।

दिलचस्प ये है कि कोर्ट में कंपनी की ओर से दलील पेश करते हुए हरीश साल्वे ने कहा कि हो सकता है कि कुछ कंटेंट भारत में आपत्तिजन मानें जाएँ, लेकिन दूसरे देशों में उन्हें जायज़ मान्यता मिलती है, इसलिए कंपनी उसको वैश्विक रूप से हटा नहीं सकती।

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साथ ही बतौर सर्च इंजन नए नियमों के अंतर्गत लाकर गूगल को 24 घंटे में कोई कंटेंट हटाने आदि के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।

गूगल पर नहीं लागू होते नए आईटी रूल्स 2021?

ये मुद्दा इसलिए और दिलचस्प हो जाता है क्योंकि कुछ ही दिनों पहले गूगल का एक बयान आया था, जिसमें कंपनी ने भारत सरकार के नए आईटी नियमों का अनुपालन करने की बात कही थी। पर अब कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। वैसे कंपनी ने जो प्वाइंट कोर्ट में रखें हैं, उनको बेतुका तो नहीं कहा जा सकता।

व्हाट्सऐप भी खटखटा चुका है दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा

इसके पहले भी हम ऐसा मसला देख चुके हैं। असल में WhatsApp पर मलिकना हक़ रखने वाली फ़ेसबुक (Facebook) ने भले नए नियमों का अनुपालन करने की बात कह दी हो, लेकिन WhatsApp ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए कहा है कि नए आईटी नियमों में शामिल  ट्रेसेब्लिटी (Traceability) की शर्त यूज़र्स प्राइवेसी को ख़त्म कर सकती है।

असल में नए Information Technology (Guidelines for Intermediaries and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत ट्रेसेब्लिटी नियम बनाया गया है, जिसके अनुसार देश की सुरक्षा और संप्रभुता और अन्य कई गंभीर तरह के अपराधों से संबंधित पोस्ट आदि के बारे में कुछ चुनिंदा जानकारी जैसे ‘उस पोस्ट की शुरुआत किसने की?’, आदि माँगे जाने पर प्लेटफ़ॉर्म को सरकार को ये सारी जानकारी बतानी होंगी।

ऐसे में WhatsApp का कहना है कि इन जानकरियों को हासिल करने के लिए कंपनी को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को तोड़ना होगा, जो सीधे तौर पर यूज़र्स की प्राइवेसी को प्रभावित करेगा।  

इस बीच आपको बता दें कि गूगल द्वारा दायर अपील को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख़ 27 जुलाई तय की है।

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