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Most Users Accept WhatsApp Policy in India: फेसबुक (Facebook) के मालिकाना हक़ वाली इंस्टेंट मैसेजिंग दिग्गज कंपनी व्हाट्सएप (WhatsApp) ने अब एक थोड़ा चौंका देने वाला दावा किया है। कंपनी ने 19 मई को एक बयान जारी किया है, जिसमें ये कहा गया है कि अधिकांश यूज़र्स ने व्हाट्सएप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी को पहले ही स्वीकार (एक्सेप्ट) कर लिया है।

दिलचस्प ये है कि व्हाट्सएप (WhatsApp) ने यह बयान मीडिया में तब जारी किया है, जब एक ही दिन पहले भारत सरकार ने कथित तौर पर कंपनी को विवादित पॉलिसी वापस लेने के लिए कहा था।

लेकिन व्हाट्सएप (WhatsApp) के दावे की मानें तो भारत में इसके अधिकांश यूज़र्स ने पॉलिसी को एक्सेप्ट कर लिया है और जिन यूज़र्स ने भी इस पॉलिसी को अब तक एक्सेप्ट नहीं किया है, उनके अकाउंट पर फ़िलहाल किसी भी तरीक़े का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

व्हाट्सएप (WhatsApp) के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा;

“हमारा लक्ष्य नई पॉलिसी को लेकर जानकारी प्रदान करना है, जो हम व्हाट्सएप पर किसी बिज़नेस को मैसेज भेजने को लेकर बना रहें हैं।”

“हमारे अधिकतर यूज़र्स जिन्हें नई पॉलिसी को लेकर नोटिफ़िकेशन प्राप्त हुआ, उन्होंने उसको स्वीकार कर लिया है। हम मानते हैं कि अभी भी कुछ यूज़र्स ने पॉलिसी को एक्सेप्ट नहीं किया है। लेकिन नई अपडेट के तहत हमनें 15 मई के बाद भी पॉलिसी स्वीकार न करने वाले अकाउंट्स को डिलीट नहीं किया है और न ही भारत में किसी के व्हाट्सएप का कोई फ़ीचर ब्लॉक किया गया है।”

इसके साथ ही व्हाट्सएप (WhatsApp) ने ये साफ़ कहा है कि ये लगातार बचे हुए यूज़र्स को नई पॉलिसी के रिमाइंडर्स भेजता रहेगा।

कंपनी का कहना है कि वह उस हर एक मौक़े का इस्तेमाल करेगी, जिसके ज़रिए इन नई पॉलिसी के बारे में यूज़र्स को पूरी जानकारी प्रदान की जाए। असल में कंपनी लगातार ये दावा कर रही है कि ये नई पॉलिसी लोगों के पर्सनल डेटा तक पहुँच हासिल करने के लिए पेश नहीं की गई हैं और वह भारतीय यूज़र्स की प्राइवेसी का पूरा सम्मान करती है। लेकिन फिर से याद दिला दें, कंपनी ने सिर्फ़ ऐसा कहा है, मामला अभी भी अदालत में है।

इसके पहले 18 मई को सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने देर रात कंपनी को एक पत्र भेजकर कंपनी को अपनी नई पॉलिसी वापस लेने के लिए कहा था।

कथित रूप से मंत्रालय ने कहा है कि व्हाट्सएप की नई पॉलिसी भारतीय कानूनों का उल्लंघन करती है और इसलिए सरकार ने इस संदर्भ में कंपनी को जवाब देने के लिए सात दिनों का नोटिस जारी किया है। आपको बता दें यह दूसरी बार है जब सरकार ने कंपनी को पॉलिसी वापस लेने के लिए कहा है। 

लेकिन अब WhatsApp जैसा दावा कर रही है कि अधिकांश यूज़र्स ने इसकी पॉलिसी को स्वीकार कर लिया है, इसको शायद अधूरी सच्चाई ज़रूर कहा जा सकता है।

असल में आपने शायद ख़ुद अनुभव किया हो या फिर अपने आसपास देखा हो कि जब शुरू शुरू में कंपनी ने नई पॉलिसी जारी की थी, तो आदतन ही बहुत से लोगों से उसको बिना पढ़े एक्सेप्ट कर लिया था (जो अक्सर ऐप्स के केस में हम सब अधिकतर करते हैं)।