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Blue Dart Drone Delivery in India: लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में दिग्गज नाम बन चुकी ब्लू डार्ट (Blue Dart) ने अब अपनी नई इकाई ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्टियम (Blue Dart Med-Express Consortium) के तहत ड्रोन डिलीवरी सिस्टम की टेस्टिंग शुरू करने जा रही है।

यह खबर तब आइ है जब देश के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन के महानिदेशक द्वारा तेलंगाना को कोविड-19 वैक्सींस की डिलीवरी के लिए मानव रहित ड्रोन का इस्तेमाल करने की मंज़ूरी दे दी गई है।

आपको याद दिला दें हाल ही में ही DGCA ने Dunzo, Swiggy और Zomato, बजट एयरलाइन SpiceJet और Reliance समर्थित स्टार्टप Asteria Aerospace सहित कुल 13 कम्पनियों को बियोंड विज़ुअल लाइन ऑफ़ विज़न (BVLOS) ड्रोन्स की उड़ान संबंधित टेस्टिंग की मंज़ूरी दी थी।

इस बीच Blue Dart द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज़ में ये सामने आया है कि “Blue Dart Med-Express Consortium” असल में तेलंगाना सरकार, वर्ल्ड ईकोनॉमिक फ़ोरम, नीति आयोग और Healthnet Global के साथ मिलकर चलाए जा रहे ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है। असल में Blue Dart उन आठ कंपनियों में से एक है, जिन्हें मेडिकल सप्लाई की ड्रोन डिलीवरी करने वाले इस टेस्टिंग प्रोग्राम के लिए चुना गया था।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने तेलंगाना में टेस्टिंग के लिए ड्रोन उड़ानों को लेकर आवश्यक छूट और अधिकारों के साथ इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।

How Blue Dart Drone Delivery Works? 

Blue Dart अपने इस Drone Delivery प्रोजेक्ट के ज़रिए डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर्स से किसी विशेष स्थानों पर स्वास्थ्य संबंधी चीज़ें (जैसे दवाओं, कोविड-19 वैक्सीन, ब्लड यूनिट, सैम्पल व अन्य टूल्स) की सुरक्षित, सटीक और विश्वसनीय पिकअप और डिलीवरी सेवा प्रदान करने को लेकर टेस्टिंग करता नज़र आएगा, जिसके ज़रिए ये आंका जाएगा कि ये तरीक़ा कितना कारगर है?

Blue-Dart-Med-Express-Consortium

दिलचस्प ये है कि Blue Dart Med-Express Drone उड़ानें तेलंगाना के भीतर मौजूदा हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स को ऑप्टिमायज़ करते हुए इस ऐसे डिलीवरी मॉडल के तहत काम करेंगी, जो इस सेवा के भविष्य को लेकर अध्ययन के लिहाज़ से भी इस्तेमाल किया जा सके।

इस मॉडल के तहत जिला मेडिकल स्टोर्स और ब्लड बैंकों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), ब्लड स्टोरेज यूनिट्स और फिर पीएचसी/सीएचसी से सेंट्रल डाइग्नोस्टिक लैब्स आदि तक ड्रोन के ज़रिए डिलीवरी व पिकअप सेवा प्रदान की जाएँगी।

इस बीच Blue Dart के प्रबंध निदेशक, Balfour Manuel कहा,

“एक संगठन के रूप में Blue Dart हमेशा भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा है। हम फ़िलहल देश भर में 35,000 से अधिक पिनकोड्स में पहुँच रखते हैं, लेकिन मौजूदा हालातों में वैक्सीन आदि की पहुँच का विस्तार करना ज़रूरी है।”

अन्य राज्यों में भी हो रहा है ड्रोन डिलीवरी का आग़ाज़

इस बीच अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ड्रोन डिलीवरी टेस्टिंग की जा रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने IIT कानपुर के साथ मिलकर वैक्सीन डिलीवरी के लिए ड्रोन की टेस्टिंग की अनुमति हासिल की है।

वहीं इसरो ने भी आंध्र प्रदेश में अपने रेज़िडेंसियल काम्पाउंड में दवाएं और आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए Garuda Aerospace के ड्रोन की टेस्टिंग भी की है।