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Government Asks To Curb Misinformation: भारत सरकार ने सोशल मीडिया कम्पनियों से कोविड -19 महामारी से संबंधित फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को प्लेटफ़ॉर्म से हटाने और उन पर अंकुश लगाने के लिए कहा है।

जी हाँ! सरकार ने शुक्रवार को Facebook, WhatsApp, Twitter और Instagram जैसे प्लेटफॉर्मों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।

इस एडवाइजरी के मुताबिक़ इन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों से ऐसे “जागरूकता अभियान” चलाने के लिए कहा गया है, जिसमें यूज़र्स से यह अपील की जाए कि वह ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी या ग़लत सूचनाएँ (Misinformation) शेयर ना करें, जिससे जनता में “घबराहट” पैदा होने की संभावना हो और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़े।

जी हाँ! ईटी में प्रकाशित के रिपोर्ट के मुताबिक़ इन प्लेटफार्मों को ऐसी किसी भी ग़लत व भ्रामक जानकारी (Misinformation) को तुरंत प्लेटफ़ॉर्म से हटाने के लिया कहा गया है। साथ ही प्लेटफ़ॉर्म से अपील की गई है कि वह कोविड-19 प्रकोप से संबंधित प्रामाणिक जानकारी को बढ़ावा देने और प्लेटफ़ॉर्म का दुरुपयोग करने वाले तत्वों को “चेतावनी” जारी करें।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा भेजी गई सलाह के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बिचौलियों के रूप में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत परिभाषित किए गए हैं और इसलिए उन्हें उचित नियमों का पालन करने की आवश्यकता है, जो नए Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code, 2021 में परिभाषित किए गए हैं।

आपको बता दें इन नियमों को इसी साल सरकार ने फ़रवरी के महीनें में आईटी एक्ट के सेक्शन 79 के तहत जारी किया था।

आपको बता दें इस दौर में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पहले से ही इन-बिल्ट मैकेनिज्म के सहारे यूज़र्स कोविड-19 वैक्सिनेशन और अन्य प्रामाणिक जानकरियों को अपने यूज़र्स के बीच फैलाने का काम कर रहें हैं, जिसमें Twitter, Facebook आदि दिग्गज़ नाम शामिल हैं।

लेकिन इस बीच जहाँ तक बात सरकार के नए आईटी नियमों की है तो इसको लेकर तमाम सोशल मीडिया कंपनी पहले से ही कह चुकी हैं कि वह भले एक बिचौलिये एक रूप में संदेश को एक-दूसरे तक पहुँचाने का काम करते हैं, लेकिन वह प्लेटफ़ॉर्म पर हर संदेश को पढ़ते नहीं है, और इसलिए नए नियमों की कुछ पहलुओं का पालन कर पाना उनके लिए मुश्किल होगा।

COVID-19 Misinformation को लेकर हुई कार्यवाई का विवाद

दिलचस्प ये है कि ये निर्देश ऐसे वक़्त में आए हैं जब सरकार ने पिछले महीने Twitter, Facebook और Instagram जैसे प्लेटफार्मों से 100 से अधिक पोस्ट हटाने के लिए कहा था, जो सरकार के अनुसार कथित रूप से फर्जी खबरें फैला रहे थे और महामारी के बारे में गलत सूचना दे रहे थे।

हालाँकि इसको लेकर तामम विवाद भी हुआ। कई लोगों का कहना था कि भारत सरकार ने ही अपनी आलोचना भरे इन कथित Tweets को हटाने का एमरजेंसी ऑर्डर दिया था।

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Twitter ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट, Lumen डेटाबेस में ख़ुलासा करते हुए बताया है कि भारत सरकार ने देश में 50 से अधिक Tweets को सेंसर करने के लिए Twitter को एक एमरजेंसी ऑर्डर दिया था।

ज़ाहिर है, तमाम लोग सोशल मीडिया को लेकर दिए जाने वाले ऐसे आदेशों को अभिव्यक्ति की आज़ादी के हनन से जोड़कर देखते हैं।