mahindra-acquires-meru-cabs-for-rs-98-crore
Credit: Meru.in

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (Mahindra and Mahindra Ltd.) ने ऐलान किया है कि वह Meru Travel Solutions Private Limited (Meru Cabs) में शेयरधारकों के साथ समझौता कर रहा है।

जी हाँ! कंपनी की प्रेस रिलीज़ के अनुसार, इस डील के तहत Mahindra and Mahindra Ltd. ने Meru Cabs के प्राइवेट निजी निवेशक, True North से ₹76.1 करोड़ में 44.14% शेयर हासिल किए हैं और साथ ही कंपनी नीरज गुप्ता और फरहत गुप्ता से ₹21.63 करोड़ में 12.66% शेयर भी हासिल करेगी।

दिलचस्प ये है कि इन दोनो डील के पूरा होते ही अब Mahindra की Meru Cabs में हिस्सेदारी बढ़कर 100% हो जाएगी, जो इसके पहले तक 43.20% ही थी।

Meru Cabs की शुरुआत

साल 2006 में शुरू हुई Meru Cabs लोगों को सिर्फ एक कॉल के साथ अपने घर के दरवाजे पर एसी कैब माँगवाने की सहूलियत देती है। 

mahindra-acquires-meru-cabs
Credit: Wikimedia Commons

Meru Cabs फ़िलहाल देश में एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट बिज़नेस से लेकर कैब बिज़नेस और कॉर्पोरेट्स कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रदान करने का काम कर रही है।

हो रहा है बड़ा बदलाव

लेकिन इस खबर के साथ ही एक और ग़ौर करने वाली खबर यह भी आई है कि अब नीरज गुप्ता, जो Meru के संस्थापक सीईओ और निदेशक के साथ ही साथ इसकी दो सहायक Meru Mobility Tech Private Limited और दो अन्य Meru Cabs की सहायक कंपनियों V-Link Automotive Services Private Limited और V-Link Fleet Solutions Private के निदेशक भी हैं, वो अपना पद छोड़ रहें हैं। जी हाँ नीरज 30 अप्रैल, 2021 से अपना पद छोड़ देंगें लेकिन 30 जून 2021 तक वह कर्मचारी के रूप में कंपनी से जुड़ें रहेंगें।

कंपनी में अब उनकी जगह प्रवीण शाह, जो मार्च 2017 तक Mahindra & Mahindra के प्रेसिडेंट रह चुके हैं, वो Meru Cabs और इसकी सहायक कंपनियों के नए सीईओ की ज़िम्मेदारी 1 मई 2021 से संभालते नज़र आएँगें।

इस अधिग्रहण को लेकर Mahindra Group के एमडी और सीईओ, अनीश शाह ने कहा कि शुरुआत से ही Meru Cabs को देश के मोबिलिटी सेगमेंट में एक ब्रांड बनाने के लिए नीरज गुप्ता और उनकी टीम का धन्यवाद देते हैं।

इस बीच Mahindra का मानना है कि अब प्रवीण शाह Meru Cabs के लिए स्थायी और स्केलेबल बिज़नेस रणनीतियों को बनाने में और इसके विकास में अहम भूमिका निभाते नज़र आएँगें।

ज़ाहिर है ये एक ऐसा वक़्त है जब कैब सेवाओं को काफ़ी मिली0जूली प्रक्रियाएँ मिल रहीं हैं। हम जानते हैं कि पिछले साल लॉकडाउन के समय कैब सेवा प्रदाताओं को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि साधारण सेवाओं के साथ ही साथ ऑफ़िसों के लिए कर्मचारी कैब सुविधा आदि भी बुरी तरीक़े से प्रभावित हुईं थीं।

ख़ैर! अब देखना ये है कि नए हाथों में Meru Cabs का भविष्य कैसे आगे बढ़ता नज़र आता है? और देश में इस सेगमेंट में तेज़ी से बढ़ती प्रतिद्वंदिता के बीच Meru कैसे अपनी पहचान बरक़रार ही नहीं बल्कि उसको बढ़ा भी पाती है?