9unicorns-announces-fifth-closure-at-rs-750-cr-fund

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को स्टार्टअप इंडिया सीड फंड (Startup India Seed Fund) स्कीम लॉन्च की है, जिसका सीधा का मक़सद भारत के स्थानीय उद्यमियों और उनके बिज़नेस इनोवेशन व आईडिया को सपोर्ट करते हुए शुरुआती स्तर वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का है।

दिलचस्प ये है कि सरकार की इस फ़ंड के ज़रिए मंशा ये है कि शुरुआती स्तर के स्टार्टअप्स को अपने शुरुआती दिनों की चुनौतियों से निपटने के लिए ख़ुद की कंपनी में सस्ते मूल्यों पर विदेशी कंपनियों को हिस्सेदारी बेचने पर मजबूर ना होना पड़े।

कैसे और कब शुरू हुआ Startup India Seed Fund Scheme पर काम?

Startup India Seed Fund Scheme (SISFS) की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्टार्टअप इंडिया (Startup India) पहल के 5वें वर्षगांठ के मौक़े पर की थी। ₹945 करोड़ की इस स्कीम का मुख्य मक़सद प्रूफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, प्रोडक्ट ट्रायल, मार्केट एंट्री और कमर्शियलाइजेशन को लेकर शुरुआती स्तर के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने का है।

Startup India Seed Fund Scheme: किसको मिलेगा लाभ?

इस ₹945 करोड़ की राशि को 1 अप्रैल 2021 से 2025 के बीच चुनिंदा स्टार्टअप इनक्यूबेटर्स के बीच बांटा जाना है। Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) के तहत रजिस्टर स्टार्टअप ही फंडिंग का लाभ हासिल कर पाएँगें।

govt-committee-for-startup-india-seed-fund-scheme

पूरे भारत में पात्र इनक्यूबेटरों के माध्यम से योग्य स्टार्टअप को ही सीड फ़ंडिंग प्रदान की जाएगी। इस योजना से क़रीब 300 इनक्यूबेटर्स और 3,600 स्टार्टअप को मदद मिलने की उम्मीद की जा रही है।

इस Startup India Seed Fund Scheme का लाभ उठाने के लिए स्टार्टअप दो साल से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए, तभी उसको शुरुआती स्तर का स्टार्टअप माना जाएगा।

ग़ौर करने वाली बात ये है कि जनवरी, 2021 तक कुल 42,813 भारतीय स्टार्टअप DPIIT के तहत रजिस्टर हो चुके हैं।

वहीं इसका ऐलान करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा,

“हम चाहते हैं कि भारतीय स्टार्टअप्स ख़ुद को विदेशी निवेशकों को सस्ती क़ीमतों पर बेचनें पर मजबूर ना हों, क्योंकि बड़े विदेशी निवेशक अच्छे स्थानीय आईडिया को शुरुआती स्तर में ही पहचान कर उन पर सस्ती क़ीमतों में हिस्सेदारी हासिल करने का विकल्प तलाशते हैं।”

कैसे मिलेगी इनक्यूबेटर्स व स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद?

DPIIT के अनुसार सरकार योग्य इनक्यूबेटरों को तीन या अधिक किश्तों में ₹5 करोड़ तक का अनुदान प्रदान करेगी और और संभवतः इसकी पहली किस्त कुल मंज़ूर की गई राशि का 40% भाग होगी।

साथ ही इस स्कीम के तहत “प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट” के लिए स्टार्टअप्स को ₹20 लाख तक की राशि, वहीं व्यवसायीकरण या स्केल-अप के लिए परिवर्तनीय डिबेंचर या डेट-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट के माध्यम से ₹50 लाख तक के फंड का लाभ भी स्टार्टअप्स को दिया जाएगा।

इनक्यूबेटर को दिए गए कुल अनुदान का 20% से अधिक किसी स्टार्टअप्स को अनुदान के रूप में नहीं दिया जाएगा। बता दें इनक्यूबेट करने से लेकर स्टार्टअप के लिए फ़िज़िकल इंफ़्रा, टेस्टिंग व अन्य चीज़ों की ज़िम्मेदारी इनक्यूबेटर्स की होगी।

Startup India Seed Fund Scheme: इनको मिलेगी प्राथमिकता?

इसको लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी करते वक़्त कहा गया था कि सोशल इंपैक्ट, वेस्ट मैनेजमेंट, वॉटर मैनेजमेंट, फाइनेंशियल इन्क्लूजन, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एनर्जी, मोबिलिटी, डिफेंस, स्पेस, रेलवे, ऑयल और गैस, टेक्सटाइल आदि सेक्टर के स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे इनोवेटिव सॉल्यूशन को प्राथमिकता दी जाएगी।