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अक्सर आपने डॉक्टर्स या घर में बड़ों को कहते सुना होगा कि पिज़्ज़ा स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है, लेकिन अब ऐसा लगता है पिज़्ज़ा आपकी डेटा सेफ़्टी के लिहाज़ से भी सही नहीं है। जी हाँ! असल में जब भी ऑनलाइन पिज़्ज़ा ऑर्डर करने की बात आती है तो एक नाम सबसे पहले आता है, जो है Domino’s का। लेकिन अब एक ख़बर के मुताबिक़ Domino’s India के डेटा में हैकर्स ने सेंधमारी की है।

लोकप्रिय मल्टी-नेशनल पिज़्ज़ा चेन Domino’s Pizza की भारतीय इकाई Domino’s India कथित तौर पर डेटा ब्रीच का नया शिकार हुआ है, और रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इसके ग्राहकों की संवेदनशील जानकारियाँ डार्क वेब में बेची जा रही हैं।

Domino’s India की 18 करोड़ ऑर्डर डिटेल्स हुईं लीक?

असल में इस कथित डेटा ब्रीच के चलते जो जानकारियाँ Domino’s India के डेटाबेस से चुराए जाने की बात सामने आई है, उसमें क़रीब 18 करोड़ ऑर्डर की डिटेल्स हैं, जिनमें ग्राहकों के फोन नंबर, और लगभग 10 लाख ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड डिटेल भी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि 13TB के इंटरनल डेटा पर भी हैकर्स ने क़रीब 7 सालों में अपना हाथ साफ़ किया है, जिसमें कंपनी के क़रीब 250 से अधिक कर्मचारियों की जानकारी भी शामिल हैं, जो कंपनी के आईटी, लीगल, फाइनेंस, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और अन्य विभागों के हैं।

बता दें इस इस कथित लीक को इजरायली साइबर क्राइम इंटेलिजेंस फर्म हडसन रॉक (Hudson Rock) के सह-संस्थापक Alon Gal ने सामने लाया था और उन्होंने रविवार को डेटा ब्रीच के बारे में ट्वीट किया था।

असल में Gal की मानें तो हैकर्स ने इस पूरे डेटा को ऐसे एक पोर्टल में सेट करने की भी कोशिश की है, जहाँ किसी भी डिटेल को एक सर्च बार की मदद से सर्च किया जा सके और हैकर्स इस तरह का रूप देकर उस पूरे डेटाबेस को क़रीब $550,000 (लगभग ₹4 करोड़) में बेचने का मन बना रहे हैं।

इस बीच आपको बता दें Domino’s India ने इस विषय में न ही डेटा ब्रीच के मामले पर कोई आधिकारिक मोहर लगाई है और ना ही इसका खंडन किया है।

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इस बीच माना ये जा रहा है कि जिस किसी ने भी कभी भी Domino’s India पर पिज्जा ऑर्डर किया है और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया है, वो संभावित रूप से इस डेटा ब्रीच से प्रभावित हो सकता है।

दिलचस्प ये है कि Domino’s की पैरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks हाल के दिनों में एक साइबर सुरक्षा उल्लंघन का शिकार बनी थी, लेकिन तब कोई डेटा चोरी नहीं हुआ था।

इस बीच पिछले ही महीने MobiKwik में कथित डेटा ब्रीच का ख़ुलासा करने वाले राजशेखर राजाहरिया ने कहा;

“मैंने CERT-In को एक संभावित Domino’s Pizza India हैक के बारे में सचेत किया था, जिसमें 200 मिलियन ऑर्डर और यूज़र्स के पर्सनल डेटा जैसी डिटेल्स लीक होने की बात सामने आई थी। लेकिन हैकर ने प्राप्त कथित डेटा का कोई नमूना पेश नहीं किया था।”

ग़ौर करने वाली बात यह है कि जैसा पहले हमनें कहा कि हाल ही में इतिहास के कुछ सबसे बड़े डेटा लीक दर्ज किए गए हैं, वो भी दिग्गज़ प्लेटफ़ॉर्मों पर। उदाहरण के लिए मुंबई आधारित डिजिटल सप्लाई चेन दिग्गज़ Bizongo के डेटा लीक की बात हो, भारत के दूसरे सबसे बड़े स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफ़ॉर्म Upstox के यूज़र्स का डेटा लीक होने की बात हो, या Mobikwik के क़रीब 100 मिलियन यूज़र्स के डेटा लीक होने की रिपोर्ट की बात हो, या Facebook के क़रीब 500 मिलियन यूज़र्स के डेटा लीक की बात हो या फिर हाल ही में LinkedIn के 500 मिलियन से अधिक यूज़र्स के डेटा लीक होने की ख़बर हो, इन सब में विश्व स्तर पर दिग्गज़ मानीं जाने वाली कंपनियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।