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देश में कोविड-19 वैक्सीनेशन के आने वाले दिनों में तेज़ी से विस्तार को लेकर केंद्र सरकार कोविड-19 वैक्सीन रजिस्ट्रेशन पोर्टल CoWin को एक दिन में क़रीब 1-2 करोड़ रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस करने लायक़ बनाने के लिहाज़ से अपडेट कर रही है।

ज़ाहिर है अप्रैल से देश भर में कोविड-19 वैक्सीनेशन ड्राइव का केंद्र सरकार विस्तार करने जा रही है और इसको ही देखते हुए अब ये क़दम उठाया जा रहा है।

CoWin Vaccination Drive: 1 अप्रैल से नया चरण

इसको लेकर अब CoWin प्लेटफ़ॉर्म पर यूज़र इंटरफ़ेस को जहाँ नया रूप दिया गया है वहीं मौजूदा सुविधाओं को और अधिक सरल बनाने की कोशिश की गई है, जिससे अगले चरण में प्री-रजिस्टर करने में आसानी हो। असल में वैक्सीनेशन के अगले चरण में भारत भर में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगवाने की इजाज़त दी गई है, जो देश की एक बड़ी आबादी है।

CoWin को लेकर यह तमाम जानकारी ET की एक रिपोर्ट के ज़रिए सामने आ सकी है। रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि वैक्सीनेशन के अगले चरण में एक हफ़्ते के भीतर 40 से 50 लाख लोगों के रोज़ाना वैक्सीन लेने की उम्मीद की जा रही है, और इनमें से क़रीब 25-30% CoWin प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो सकते हैं।

ज़ाहिर है 1 अप्रैल से वैक्सीन के लिए बहुत अधिक भीड़ की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि 45 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को अब वैक्सीन लगवाने की इजाज़त होगी। और ऐसे में CoWin को मिल रही इस नई अपडेट के बाद ये प्लेटफ़ॉर्म प्री-रजिस्ट्रेशन आदि को लेकर दोनों पक्षों के लिए आसान और तेज बन जाएगा, लोगों के लिए भी और स्वास्थ्य विभाग के लिए भी।

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CoWin App: फ़िलहाल 10% लोग कर रहे रजिस्ट्रेशन

रिपोर्ट के अनुसार फ़िलहाल देश में रोज़ाना 25 लाख से 30 लाख लोगों का टीकाकरण होने की उम्मीद की जा रही है। और अनुमान के मुताबिक़ इनमें से क़रीब 10% लोग ही ऐसे हैं जो CoWin ऐप के ज़रिए प्री-रजिस्ट्रेशन करके वैक्सीन लगवाने पहुँच रहे हैं।

दरसल प्लेटफ़ॉर्म पर रजिस्टर करने के बजाए अधिकतर लोग स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में वॉक-इन विकल्प चुन रहे हैं।

बदल सकती है तस्वीर

लेकिन आने वाले समय में ये स्थिति बदल सकती हैं क्योंकि जहाँ एक तरह अब वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ेगी और अब और भी कम उम्र के लोग जिन्होंने स्मार्टफोन आदि को काफ़ी हद तक अपना लिया है, वो इस वैक्सीननेशन ड्राइव में शामिल होंगें।

इसके साथ ही CoWin ऐप का रूझान इसलिए भी बढ़ सकता है क्योंकि लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने के लिए भी अपॉंट्मेंट लेना पड़ता है।

सरकारी अधिकारियों की मानें तो CoWin प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने से लोगों को स्वास्थ्य केंद्रो व अस्पतालों में लम्बी लाइनों से भी निजात मिलेगी, क्योंकि जितने अधिक लोग वैक्सीन लगवाने आएँगें ऑफ़लाइन स्तर पर लाइन आदि की समस्या उतनी ही बढ़ती जाएगी।

इसके साथ ही CoWin पर प्री-रजिस्टर करने से लोगों के लिए वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी क्योंकि वेरिफ़िकेशन के लिए आवश्यक पहचान संबंधित जानकरियाँ पहले ही सबमिट हो चुकी होंगी।

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आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक एक दिन में सबसे अधिक वैक्सीनेशन 22 मार्च को दर्ज किया गया था, जिस दिन क़रीब 27.5 लाख लोगों ने वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई थी, वहीं उसी दिन 3 लाख लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज़ ली थी।

बता दें भारत ने 15 जनवरी से अब तक क़रीब 6 करोड़ से अधिक लोगों को देश भर में वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिसमें सबसे पहले स्वास्थ्य सेवा और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई गई थी।

इसके साथ ही रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफ़ॉर्म पर कई सुविधाओं को सरल बनाया गया है, जैसे कि अपने इलाके के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध स्लॉट्स को देख पाना और लॉग-इन कर उसके लिए रजिस्ट्रेशन कर पाना।

इसके साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के वक़्त वेरिफ़िकेशन सर्टिफ़िकेट अपलोड करने की प्रक्रिया को भी तेज बनाने व तेज़ी से प्रॉसेस के लिए सॉफ़्टवेयर को भी अपडेट किया गया है।

असल में लॉन्च के शुरुआती दिनों में स्वास्थ्य मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया CoWin प्लेटफ़ॉर्म रजिस्ट्रेशन से लेकर इंटरफ़ेस क्रैश होने, डेट शेड्यूल, टेक्स्ट मैसेज ना मिलने जैसी तमाम गड़बड़ियों का सामना करता नज़र आ रहा था।

लेकिन ज़ाहिर है दुनिया की कुछ सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव में से एक भारत की वैक्सीनेशन ड्राइव को सफ़ल बनाने के लिए सरकार ने अपने इस प्लेटफ़ॉर्म को भी वक़्त के साथ बेहतर करने की कोशिश की है।