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ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Unacademy ने CAT और MBA प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाने वाले ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफ़ॉर्म  हांडा का फंडा (Handa Ka Funda) का अधिग्रहण किया है जिसका नाम अब CAT Funda कर दिया गया है।

दिलचस्प यह है कि इस अधिग्रहण के तहत Unacademy ने Handa Ka Funda (CAT Funda) के संस्थापक रवि हांडा को कंपनी में ऑनबोर्ड भी किया गया है।

क्या है Handa Ka Funda (CAT Funda)?

आपको बता दें Handa Ka Funda असल में एक वेबसाइट है जिसको रवि हांडा द्वारा शुरू किया गया था। रवि ने 2012 में इस प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए ऑनलाइन पढ़ाना शुरू किया था और तब से अब तक क़रीब 20,000 से अधिक छात्र इनके ऑनलाइन कोर्सो में दाखिला ले चुके हैं।

रवि हांडा ने मंगलवार शाम को ट्वीट करके बताया कि Unacademy ने Handa Ka Funda का अधिग्रहण कर दिया है। वहीं उन्होंने एक लाइव सेशन में बताया कि Unacademy का प्लेटफ़ॉर्म उन्हें अधिक छात्रों तक पहुंचने में मदद करेगा।

आपको बता दें रवि हांडा CAT की तैयारी करने वाले छात्रों को YouTube पर लाइव दैनिक कक्षाएं प्रदान करेंगे और अपने मुफ़्त कंटेंट के साथ उनकी कोशिश क़रीब 1 लाख छात्रों तक पहुंचने की होगी। इसके साथ ही छात्रों के पास Unacademy Plus पर भी उनके कोर्स को सब्स्क्राइब करने का भी विकल्प होगा।

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Credit: Handa Ka Funda

इसके पहले जनवरी में, Unacademy ने इंजीनियरिंग में Graduate Aptitude Test की तैयारी करवाने वाले शिक्षक रविंद्रबाबू रावुला को भी अपने प्लेटफॉर्म पर बतौर स्पेशल एजुकेटर पार्टनर के तौर पर शामिल कर चुका है।

रविंद्रबाबू रावुला असल में Raudra Eduservices के संस्थापक भी हैं, जो गेट परीक्षा की तैयारी के लिए एक प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म माना जाता है।

इस बीच अब ख़ासकर MBA इग्ज़ाम जैसे CAT आदि क्षेत्र में भी रवि हांडा के प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ने के चलते Unacademy को काफ़ी मज़बूती मिलेगी।

बेंगलुरू आधारित Unacademy में 49,000 से अधिक रेजिस्टर्ड टीचर और 4 करोड़ से अधिक छात्रों का नेटवर्क होने का दावा किया जाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म 14 भारतीय भाषाओं में भारत के 5,000 शहरों के छात्रों तक पहुंच रखता है।

असल में Unacademy को भारतीय ऑनलाइन एजुकेशन क्षेत्र में BYJUs आदि जैसे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद की जाती रही है। भले BYJUs का मुख्य फ़ोकस शुरू से ही स्कूली शिक्षा को लेकर रहा हो, लेकिन माना ये जा रहा है कि वह एंटरेंस इग्ज़ाम क्षेत्र में भी व्यापक तरीक़े से पैठ बनाने की कोशिश कर सकता है।

बता दें 2020 में क़रीब $2.8 बिलियन का भारतीय EdTech बाजार 2025 तक $10.4 बिलियन तक पहुँच जाने की उम्मीद है।

और ऐसे में जब लॉकडाउन आदि के चलते स्टूडेंट्स और पैरेंट्स दोनों ने ही ऑनलाइन लर्निंग को अपनाना शुरू कर दिया है, तो फिर भला उनको लुभाने में कोई भी कंपनी पीछे क्यों रहे?