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हाल ही में टेक दिग्गज़ गूगल (Google) पर अमेरिका के एक जज ने एक क्लास-ऐक्शन लॉ-सूट या कहें तो मुक़दमा चलाया है, जिसमें Google Chrome के Incognito मोड पर भी यूज़र्स को ट्रैक करने के आरोप लगाए गए हैं और इस लॉ-सूट के चलते कंपनी को क़रीब $5 बिलियन (लगभग ₹36,369 करोड़) का जुर्माना देना पड़ सकता है।

असल में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया में एक डिस्ट्रिक्ट जज Lucy Koh ने कहा कि Google ने उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना, ग़लत ढंग से उनका डेटा को कथित रूप से स्टोर करने का काम किया है, जो एक गंभीर अपराध का मामला है।

इस बीच Google ने एक प्रवक्ता ने 13 मार्च को ही द वर्ज से की गई एक बातचीत के दौरान कहा था कि कंपनी इस मुक़दमे को लेकर लगाए गए आरोपो से इत्तेफ़ाक नहीं रखती है।

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार वह इन आरोपों को लेकर क़ानूनी रूप से लड़ेंगे और सख़्ती से अपना पक्ष रखते हुए बचाव करेंगें।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि Google Chrome का ‘Incognito’ मोड उपयोगकर्ताओं के डेटा को बिना ब्राउज़र या डिवाइस में स्टोर किए और उनकी ऐक्टिविटी को रिकॉर्ड किए, उन्हें इंटरनेट ब्राउज़ (इस्तेमाल) करने का विकल्प देता है।

और इन आरोपो के बाद Google ने ये कहा है कि कंपनी इस बात को बार बार स्पष्ट करती रही है कि भले आप Google Chrome पर Incognito मोड का इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन आपके इंटरनेट ब्राउज़िंग के दौरान कुछ वेबसाइटें आपकी ब्राउज़िंग ऐक्टिविटी के बारे में जानकारियाँ स्टोर कर सकती हैं।

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आपको बता दें अमेरिका में पिछले साल जून में ही एक Google Chrome यूज़र ने एक शिकायत दर्ज करवाई थी कि Google के पास एक “व्यापक डेटा ट्रैकिंग व्यवसाय” है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपने फ़ायदे के लिए कर रही है।

यूज़र का तब आरोप था कि भले आप Google Chrome में अपनी डेटा प्राइवेसी के लिए कोई भी उपाय अपनाए, जैसे Incognito मोड, प्राइवेट ब्राउज़िंग इन Safari या अन्य ब्राउज़िंग विकल्प, लेकिन यूज़र का डेटा लगातार ट्रैक किया जाता रहता है।

असल में ये आरोप Google Chrome के Incognito मोड पर शुरू से ही लगते रहें हैं और इसलिए Google ने पहले ही Chrome ब्राउज़र में थर्ड-पार्टी कुकीज़ को बंद करने की घोषणा की है।

ख़त्म किया थर्ड-पार्टी कुकीज सपोर्ट

कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि एक बार थर्ड-पार्टी कुकीज को उसके प्लेटफॉर्म से निकाल दिया जाए, तो यह व्यक्तियों के डेटा या ऐक्टिविटी को कम से कम ब्राउज़िंग तक ट्रैक करने से रोक सकता है, ख़ासकर जब यूज़र किसी कंपनी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल न कर रहे हों।

असल में Google Chrome ने पिछले साल ही थर्ड-पार्टी कुकीज़ के लिए सपोर्ट को ख़त्म करने का ऐलान किया था।

बता दें Apple Safari और Mozilla Firefox ने भी Google Chrome की तर्ज़ पर थर्ड-पार्टी कुकीज़ सपोर्ट को बंद कर दिया है। असल में ये कुकीज विज्ञापनदाताओं को आपको ट्रैक करने की अनुमति देती हैं, ख़ासकर जब आप विभिन्न वेबसाइटों के बीच स्विच करते हैं।