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भारत सरकार ने बुधवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए अपनी Production-Linked Incentive (PLI Scheme) स्कीम को “फार्मास्युटिकल” और “आईटी हार्डवेयर” क्षेत्रों में भी लागू करने का फ़ैसला किया है।

आपको बता दें भारत सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत देश में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े निर्माण को बढ़ावा देने के लिए की है, और ज़ाहिर है घरेलू निर्माण के बढ़ने से रोजगार के अवसरों में भी इज़ाफ़ा होता नज़र आएगा। इसके तहत सरकार इन नए क्षेत्रों में ₹22,000 करोड़ से अधिक की मदद संबंधित पेशकश कर रही है।

इस PLI स्कीम के मदद से 2022 से लेकर 2088 तक भारत आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में क़रीब ₹2.45 लाख करोड़ के समान का निर्यात (यानि दूसरे देशों में समान की सप्लाई करना) और फ़ार्मा क्षेत्र में ₹1.96 लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

आपको बता दें इस फ़ैसले की जानकारी संचार और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दी, और ये भी बताया कि इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया है।

क्या है PLI Scheme?

इस योजना के तहत समान की मैन्युफ़ैक्चरिंग करने वाली कंपनियों को एक निश्चित समय के लिए स्थानीय स्तर पर निर्मित सामानों की 1% से 4% तक की अतिरिक्त बिक्री में कैश-बैक सुविधा प्रदान की जाती है। आपको बता दें इसके लिए बेस ईयर 2019-2020 लिया गया है।

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और अब इसके तहत देश में फार्मा सेक्टर के लिए 2020-21 से 2028-29 तक जहाँ ₹15,000 करोड़ का आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा, वहीं लैपटॉप, टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर संबंधित घरेलू मैन्युफ़ैक्चरिंग कम्पनियों को 4 सालों के लिए ₹7,325 करोड़ की मदद की जाएगी।

इस बीच केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा,

“इस स्कीम का मक़सद भारत स्तर पर स्थानीय मैन्युफ़ैक्चरिंग को लेकर एक नई पहचान दिलाने और मैन्युफ़ैक्चरिंग क्षेत्र में एक नेतृत्वकर्ता देश का दर्जा दिलाने का है।”

आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में इस स्कीम के ज़रिए आगामी 4 सालों में ₹3.26 लाख करोड़ के उत्पादन और ₹2.45 लाख करोड़ के निर्यात की बात कही जा रही है, और इसके चलते क़रीब 1.80 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होने की भी बात सामने आई है।

इसके साथ ही इन 4 सालों में फार्मा क्षेत्र में हाई-वैल्यू वाले प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा और इनके निर्यात को भी बढ़ावा देने का काम किया जाएगा।

इसके तहत 2022-23 से 2027-28 के बीच कुल बढ़ती बिक्री को ₹2.94 लाख करोड़ और कुल बढ़े निर्यात के ₹1.96 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसके साथ ही क़रीब 20,000 प्रत्यक्ष और 80,000 अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होने की बात भी कही जा रही है।

वहीं एक आधिकारिक बयान में ये भी साफ़ कर दिया गया है कि बुधवार को घोषित आईटी हार्डवेयर के लिए इस PLI Scheme के तहत पांच प्रमुख वैश्विक कंपनियों और 10 घरेलू कंपनियों को इसका लाभ दिया जाएगा।

इसके पहले देश में बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण के लिए PLI Scheme के पहले चरण के तहत 16 कंपनियों को मंजूरी दी गई थी।

इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक अन्य योजना में भी 22 ऐप्लिकेशन प्राप्त होने की बात सामने आई है।

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