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पिछले साल हुई Future Group और Reliance के बीच की डील को लेकर Amazon द्वारा जताई गई आपत्ति के चलते अब दोनों कंपनियों के लिए मुश्किलें फिर से बढ़ गयीं हैं। असल में सोमवार को भारत के सप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फ़ैसले को पलटे हुए Future Retail और Reliance के बीच हो रही डील पर रोक लगा दी है।

जी हाँ! इस डील को रोकने के लिए अमेरिका आधारित ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने कुछ हाई हफ़्ते पहले देश की सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की थी और अब उसकी सुनवाई के दौरान ही अदालत ने ये फ़ैसला किया है।

दिलचस्प रूप से सुप्रीम कोर्ट ने भले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को ये निर्देश दे दिया है कि वो Reliance-Future Group की डील को लेकर अपनी सुनवाई को आगे बढ़ाता रहे, लेकिन इस संबंध में वह कोई भी अंतिम आदेश तब तक पारित नहीं करेगा जब तक अदालत की ओर से इस मामले में कोई आदेश नहीं दिया जाता।

इसके पहले इस महीने के शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने ही पुराने फ़ैसले को बदलते हुए Reliance और Future Group के बीच तय इस डील को मंज़ूरी दे दी थी।

ज़ाहिर है अब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले में कोई अंतिम फ़ैसला लेगी, जिसके बाद Amazon और Reliance-Future Group के बीच चल रही इस लड़ाई का कोई स्थाई समाधान निकलने की उम्मीद है।

Amazon को Reliance-Future Retail डील से क्या है दिक्कत?

आपको बता दें पिछले साल अगस्त में Reliance ने Future Group के अधिग्रहण को लेकर एक डील की थी, जिसके तहत कंपनी ने Future Retail व इसके अन्य व्यवसायों को क़रीब ₹24,000 करोड़ में ख़रीदने के समझौते पर साइन किया था।

लेकिन इसको लेकर Amazon ने आपत्ति जताते हुए Future Group को एक कानूनी नोटिस दिया भेजा था।असल में Amazon ने 2019 में Future Retail के प्रमोटर-यूनिट Future Coupons में 49% हिस्सेदारी ख़रीदी थी। शर्त थी कि Amazon को 3 से 10 साल की अवधि के बाद Future Retail की हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार होगा।

साथ ही कथित रूप से एक शर्त ये भी थी कि Future Retail में Amazon की कुछ प्रतिस्पर्धी कंपनियाँ जैसे Reliance आदि कोई हिस्सेदारी नहीं ख़रीद सकती हैं।

लेकिन इस दौरान COVID-19 आदि के चलते कर्ज में दबे Future Group के मालिक किशोर बियानी ने अपने खुदरा स्टोर, थोक और लाजिस्टिक्स कारोबार Reliance Retail को बेचने का फ़ैसला किया था। और इस डील के तय होने के बाद अपनी पुरानी शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए Amazon ने अब इसको कोर्ट में तय करने का मन बनाया है।

इसी को लेकर अक्टूबर 2020 में Amazon ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में Reliance के साथ हुए Future Group के सौदे पर रोक लगाने को लेकर याचिका दी थी, जिसके बाद SIAC ने इस डील पर कोर्ट लगा दी थी।

इसके बाद Reliance और Future Retail ने ये कहा कि उन्होंने सभी भारतीय क़ानूनों का पालन करते हुए ही ये डील की है और इसलिए इसको तय समय पर ही पूरा करेंगें।

इसके बाद जहाँ एक ओर इस डील को SEBI, BSE आदि कुछ भारतीय नियामकों की मंज़ूरी मिलती रही, वहीं Amazon की एक याचिका के जवाब में दिल्ली हाई कोर्ट के एक फ़ैसले के तहत पहले इस डील को रोक दिया गया था, लेकिन उसके बाद अन्य जजों की बेंच ने इस डील को कुछ हफ़्ते पहले ही मंज़ूरी दे दी थी। जिसके बाद Amazon ने सप्रीम कोर्ट का रूख किया।

वहीं Future Group के संस्थापक किशोर बियानी ने इसके पहले यह भी तर्क दिया था कि Future Group पिछले कुछ महीनों में क़रीब आठ बार Amazon से वित्तीय मदद मांगने पहुंचा था, लेकिन उसने कोई सहायता नहीं दी। इसके बाद ही Reliance के साथ डील का फ़ैसला किया गया था।

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