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भारत में शायद ही Tata Group के बारे में कोई न जानता हो। कार से लेकर चाय, और आईटी इंडस्ट्री से लेकर अन्य तमाम क्षेत्रों तक में कंपनी की एक मज़बूत पकड़ है। लेकिन बीते कुछ समय से Tata Group मुख्य रूप से सूर्खियों में है ई-ग्रोसरी स्टार्टअप BigBasket को लेकर।

कुछ महीने पहले ही ऐसी अटकलें सामने आई थीं कि Tata Group जल्द ही BigBasket का अधिग्रहण यानि इसको ख़रीद सकता है। और अब TechCrunch ने इस मामले से जुड़ी अपनी एक रिपोर्ट में ये संभावना जताई है कि Tata Group इस सौदे के लिए राज़ी हो गया है।

वहीं ईटी एक अन्य रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि Tata ने ₹13,500 करोड़ की वैल्यूएशन पर BigBasket में 68% हिस्सेदारी के लिए क़रीब ₹9,500 करोड़ देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

क्यों BigBasket को अपने पाले में करना चाहता है Tata Group?

लेकिन अब समझना ये है कि आख़िर Tata Group इतनी बड़े ऑफ़र की पेशकश कर BigBasket में किन संभावनाओं को तलाशने की कोशिश कर रहा है?

जानकारों की मानें तो Tata असल में BigBasket का अधिग्रहण इसलिए करना चाह रही है, क्योंकि इसका मक़सद अपने तमाम प्रोडक्ट और सुविधाओं के लिए एक ई-कॉमर्स गेटवे का निर्माण करने का है।

माना ये जा रहा है कि इस किराना डिलीवरी स्टार्टअप को ख़रीदने के साथ ही, BigBasket में Alibaba जैसे  कुछ चीनी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेंच बाहर निकल सकते हैं, क्योंकि हाल ही में दोनों देशों के बीच बढ़ते विवादों आदि के चलते निवेशकों को काफ़ी ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है।

लेकिन इस डील के बाद Tata को एक और फ़ायदा हो सकता है। असल में भारतीय ई-रिटेल या ई-किराना बाज़ार आने वाले समय में काफ़ी तेज़ी से बढ़ता नज़र आने वाला है। यहाँ तक कि इस क्षेत्र को लेकर Amazon और JioMart जैसे बड़े खिलाड़ियों ने अपनी कोशिशों को काफ़ी तेज कर दिया है और इस उभरते बाज़ार में अपनी अधिक से अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं।

देखा जाए तो महामारी के बीच साल 2020 में भारत के तमाम हिस्सों ख़ासकर छोटे शहरों में भी ऑनलाइन किराना की ख़रीदारी ने ज़ोर पकड़ा था और तभी सितंबर 2020 में ये भी ख़बर आई थी कि इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए Walmart इसमें $20- $25 बिलियन तक का निवेश कर सकता है, हालंकि तब से इसको लेकर कोई ख़ास ख़बर सामने नहीं आई है।

लेकिन ज़ाहिर है कि Reliance, Amazon और Walmart जैसी कंपनियाँ जब इस क्षेत्र में दाँव खेल रही हैं ऐसे में देश का सबसे विश्वसनीय नाम बन चुकी Tata भी अब इस क्षेत्र से दूर नहीं रहना चाहती। और शुरू से इस क्षेत्र में उतरने के बजाए, उसके लिए मौजूदा खिलाड़ी को भी अपने पाले में लेना ज़्यादा उचित नज़र आ रहा है।

Tata Group की Super App भी है वजह?

असल में अपनी Super App के ज़रिए Reliance Industries, Amazon और Flipkart आदि जैसे खिलाड़ियों से डिजिटल सेवा क्षेत्र में आगे निकलने की योजना बना रहा Tata Group तेज़ी से अन्य डिजिटल व्यवसायों को भी उसमें शामिल करने को लेकर काम कर रहा है।

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असल में पिछले साल से ही ये तमाम बड़ी कंपनियाँ अपने मूल व्यवसाय के साथ ही अन्य डिजिटल क्षेत्र जैसे किराना, दवाइयाँ आदि विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल तौर पर अधिक से अधिक बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करना चाह रही है।

और इसलिए अब Tata Group भी ऑनलाइन ग्रोसरी के लिए BigBasket और ऑनलाइन दवाओं की सुविधा के लिए 1mg जैसे स्टार्टअप्स में बहुमत हिस्सेदारी ख़रीदने की योजना बना रहा है।

आपको बता दें Tata का Super App उपभोक्ताओं को एक ही ऐप पर कई प्रकार की सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करेगा, जिसमें फ़ूड ऑर्डरिंग से लेकर किराना ऑर्डरिंग, फैशन और लाइफ़स्टाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, बीमा और वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बिल भुगतान सेवा आदि शामिल हैं।