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किशोर बियानी के नेतृत्व वाली Future Group को आख़िरकार Reliance के साथ की गई डील को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ़ से एक बड़ी राहत मिल गई है। लेकिन Reliance-Future Group की ये डील शुरू से ही एक बड़े विवाद से घिर गई।

आपको याद होगा कि Reliance के द्वारा क़रीब $3.4 बिलियन में Future Group के अधिग्रहण संबंधी डील के ख़िलाफ़ इस महीने की शुरुआत में Amazon ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी और इन कंपनियों को सिंगापुर के नियामक द्वारा जारी डील को रोकने संबंधी फ़ैसले का सम्मान करने के लिए कहा था।

इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने यह साफ़ करते हुए कि सिंगापुर के नियामक द्वारा दिए गए फ़ैसलें का भारत में इस डील के संबंध में सम्मान होना चाहिए और इसलिए अदालत ने तत्काल प्रभाव से Reliance-Future Group के बीच हुई डील पर स्टे लगाते हुए यथास्थिति बरक़रार रखने का आदेश दिया था।

लेकिन अब रोमवर को मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की दो-न्यायाधीश वाली पीठ ने कहा कि Amazon के पास प्राथमिक तौर पर देखने पर इस डील/सौदे को रोकने का कोई पुख़्ता कारण नज़र नहीं आता, इसलिए इस डील को लेकर लगाए गए स्टे को हटाते हुए अदालत यह साफ़ करती है कि देश के नियामक और सम्बंधित कंपनियाँ इस डील के स्वरूप को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं।

ज़ाहिर है इस फ़ैसले से सबसे अधिक ख़ुद Future Group हुआ है, जिसने पिछले साल कंपनी की दिवालिया स्थिति के कारण मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली Reliance को इस सौदे के लिए राज़ी किया था।

असल में Amazon और Reliance इस वक़्त देश में एक दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी हैं, जो असल में 2025 तक भारत के $1.3 ट्रिलियन के संभावित क्षेत्र को लेकर मुक़ाबला कर रहे हैं।

आपको बता दें इसके पहले SEBI और अन्य कई नियामक भी इस डील को मंज़ूरी दे चुके हैं। हालंकि Amazon ने भारतीय सुरक्षा और विनिमय बोर्ड (सेबी) और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से भी पत्र लिख कर कोर्ट का फ़ैसला आने तक इस सौदे पर किसी तरह की मंज़ूरी आदि जारी ना करने का अनुरोध किया था।

आपको बता दें दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा;

“प्रथम दृष्टया देखने पर हमें एकल जज द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को आगे जारी रखने का कोई पुख़्ता कारण नज़र नहीं आता। वैधानिक अधिकारियों को कानून के अनुसार आगे बढ़ने से रोका नहीं जा सकता है। एकल न्यायाधीश द्वारा 2 फरवरी को जारी अंतरिम आदेश के बाद इन विवादास्पद मुद्दों पर जल्द ही लिया जाएगा।”

क्या है Reliance-Future Group डील पर विवाद?

आपको बता दें कोर्ट वापस से इस मामले पर सुनवाई 26 फरवरी को करेगा। असल में Amazon की आपत्ति ये है कि इसने Future Coupons (Future Group की ही एक इकाई) के साथ साल 2019 में एक डील की थी, और अब Future Group के द्वारा Reliance के साथ समझौता करके उस डील की कुछ शर्तों का उल्लंघन किया गया है।