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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 59 चीनी ऐप को भारत में स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने के लिए नोटिस जारी किया है। आपको बता दें इसमें लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok, Baidu, Tencent का WeChat, Alibaba का UC Browser आदि शामिल हैं। असल में इन कंपनियों द्वारा दिए गए जवाबों से भारत सरकार संतुष्ट नहीं थी और इसलिए बैन को जारी रखा गया।

आपको बता दें सरकार ने TikTok, UC Browser और WeChat सहित क़रीब 56 ऐप्स को बैन कर दिया था। इन पर ऐसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था, जिसके चलते भारत की संप्रभुता और अखंडता के साथ ही साथ सुरक्षा संबंधी ख़तरे भी पैसा हो रहे थे।

वहीं इसके बाद 29 जून, 2020 से शुरू होने वाले पिछले छह महीनों में तब तक देश में क़रीब 208 चीनी ऐप को सरकार द्वारा बैन किया जा चुका है, जिनको मंत्रालय द्वारा एक विस्तृत प्रश्नावली भी भेजी गई थी और उनसे जवाब माँगा गया था।

पर ज़ाहिर है अब सरकार उनके जवाब से संतुष्ट नज़र नहीं आ रह रही है इसलिए सरकार भारत ने इन ऐप्स को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का मन बनाया हुआ लगता है। आपको बता दें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत इस बैन को लगाया गया था।

इस बीच मंत्रालय ने खुलासा किया कि उसने पिछले हफ़्ते बैन किए गए ऐप्स को नोटिस भेजे थे। वहीं इसके जवाब में TikTok प्रवक्ता ने खुलासा किकरते हुए कहा;

“हम नोटिस का मूल्यांकन कर रहे हैं और उचित रूप से इसका जवाब देंगे। हम लगातार स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन करने का प्रयास करते हैं और सरकार की किसी भी चिंता का समाधान करने के लिए पूरी तरह से कोशिश करते हैं। हमारे सभी उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता समझते हैं।”

आपको बता दें जुलाई 2020 में कथित तौर पर पहले से प्रतिबंधित ऐप्स के क्लोन तब भी संचालन कर रहे थे, और इसलिए 47 और ऐप्स को बैन कर दिया गया था। वहीं 2 सितंबर को लोकप्रिय मोबाइल गेम PUBG को भी 118 ऐप्स सहित बैन लगा दिया गया था। इन सब के पीछे मुख्य चिंता उपयोगकर्ता डेटा को अवैध रूप से स्टोर करना और उन्हें भारत के बाहर स्थानों पर भेजने को लेकर थी।

इस बीच चीनी ऐप्स को लेकर लगातार दुनिया भर में ऐसी चिंताए सामने आई हैं। लेकिन भारत और चीन के बीच सीमा पर बढ़ते विवाद के चलते भी इसको भारत के एक सांकेतिक जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

इसी के साथ ही सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि वह सीमा पर आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा या भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का दुरुपयोग नहीं होने देगी।

लेकिन चीनी ऐप्स को बैन करना न सिर्फ़ देश की संप्रभुता की रक्षा करना साबित हुआ बल्कि इसके चलते भारतीय ऐप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिला और तमाम तरह के भारतीय विकल्प तेज़ी से उभरे।

सरकार ने इसको और बढ़ाने के लिए 4 जुलाई, 2020 को AatmaNirbhar Bharat App Innovation Challenge की शुरुआत की थी, जिससे इनोवेशन और स्टार्टअप के बीच “मेड इन इंडिया” तकनीक की अहमियत बढ़े।