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राष्ट्रपति ट्रम्प के अकाउंट पर सभी प्रमुख प्लेटफार्मों द्वारा बैन संबंधी कार्यवाई के बाद अब इस तरह के मुद्दे भी सूर्खियों में आने लगे हैं।

और अब इसी कड़ी में अब भारत में भी Twitter के अधिकारियों से एक संसदीय बैठक में नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह के अकाउंट को हटाए जाने को लेकर सवाल किए गए।

दरसल Facebook और Twitter को नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के संबंध में एक पैनल के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था, जिससे डिजिटल जगत में मीडिया प्लेटफार्मों और महिला सुरक्षा संबंधी चीज़ों के दुरुपयोग को कम किया जा सके।

ये पहली बार नहीं है जब ऐसी कोई बैठक की गई हो, दरसल इसके कुछ महीनों पहले भी इन सोशल मीडिया दिग्गज़ कंपनियों को बुलाया जा चुका है। तब WSJ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनी Facebook पर सत्ताधारी पार्टी-भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगा था और इसको लेकर ही 2 सितंबर को एक बैठक में कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।

लेकिन आज की बैठक ने तब एक अलग रूख ले लिया जब पैनल ने Twitter के अधिकारियों से सवाल किया कि भला कंपनी ने नवंबर में अमित शाह के अकाउंट को क्यूँ कुछ समय के लिए हटा दिया था?

इस पर जवाब देते हुए कंपनी ने कहा कि एक कॉपीराइट मुद्दे के कारण यह निर्णय लिया गया, और अनजाने में में ये ग़लती प्लेटफ़ॉर्म पर हुई। लेकिन कंपनी ने तुरंत ही इसमें सुधार किया और अकाउंट को वापस से बहाल किया गया।

दरसल ये अकाउंट बैन का मुद्दा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प पर तमाम सोशल मीडिया दिग्गजों द्वारा लगाए गए बैन के बाद और बढ़ता नज़र आ रहा है, दरसल इन चीज़ों को लेकर लोगों की मिली-जूली राय देखने को मिलती है।

लेकिन इतना तो साफ़ है कि गृह मंत्री के अकाउंट को थोड़े समय के लिए ब्लॉक करना असल में एक ग़लती ही थी और Twitter ने जान बूझकर ऐसा नहीं किया था।

इस बीच ट्रम्प ने कैपिटल बिल्डिंग में हुए दंगे के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह के पोस्ट शेयर किए थे और अपने समर्थकों को और भड़काने का काम किया था, इसको लेकर सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म में जानबूझकर उन्हें बैन करने का क़दम उठाया था।

जिसकी वजह से पहले तो Twitter ने उन्हें कुछ घंटों के लिए और फिर बाद में Facebook की ही तरह अनिश्चितकाल के लिए बैन कर दिया था।